भारत सरकार युवाओं को खेती की ओर आकर्षित करने और इसे एक सम्मानजनक, लाभकारी और आधुनिक करियर विकल्प के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण प्रयास कर रही है। इन पहलों का उद्देश्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना ही नहीं है, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार सृजक बनाने की दिशा में प्रेरित करना भी है।
लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, खेती में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के माध्यम से देशभर में 731 कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) स्थापित किए हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रचार-प्रसार करना, प्रशिक्षण देना, प्रदर्शन करना और किसानों तथा युवाओं के कौशल को मजबूत करना है।
युवाओं के लिए मुख्य पहलें:
- “आर्या” परियोजना:
देश के 100 केवीके में “कृषि में युवाओं को आकर्षित करना और बनाए रखना” (ARYA) परियोजना चलाई जा रही है, जिसका मकसद है युवा पीढ़ी को कृषि आधारित उद्यमों जैसे मशरूम उत्पादन, प्रोसेसिंग यूनिट्स, बागवानी, मछली पालन, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, वर्मीकम्पोस्ट आदि के लिए प्रशिक्षित करना। - ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण योजना (STRY):
यह योजना युवाओं और महिला किसानों को कृषि व्यवसाय से संबंधित क्षेत्रों में 7 दिवसीय अल्पकालिक प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाती है। यह योजना अब “आत्मा” योजना के अंतर्गत लाई गई है। - “आत्मा” योजना:
देश के 28 राज्यों और 5 केंद्रशासित प्रदेशों के 740 जिलों में कार्यरत यह योजना विकेन्द्रीकृत विस्तार प्रणाली के ज़रिए किसानों को प्रशिक्षण, प्रदर्शन, कृषि मेले, भ्रमण और कृषि पाठशालाओं के माध्यम से आधुनिक जानकारी मुहैया कराती है।
युवाओं को खेती की ओर आकर्षित करने वाले अन्य प्रमुख कार्यक्रम:
सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में कई योजनाएं लागू की जा रही हैं जिनसे युवाओं को लाभकारी अवसर मिल रहे हैं, जैसे:
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN)
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
- कृषि अवसंरचना कोष (AIF)
- नमो ड्रोन दीदी योजना
- राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन (NBHM)
- डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन
- स्टार्टअप्स और एग्री-उद्यमियों के लिए एग्रीश्योर योजना
सरकार की इन योजनाओं और कार्यक्रमों का उद्देश्य न केवल युवाओं को कृषि के प्रति जागरूक करना है, बल्कि उन्हें नवीनतम तकनीक और प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाकर कृषि को रोजगार और उद्यमिता का माध्यम बनाना है।
भारत सरकार का मानना है कि जब युवा पीढ़ी आधुनिक सोच और तकनीक के साथ खेती में कदम रखेगी, तो देश की कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी

