֍:डीजीपी की ओर से कही गई ये बात§ֆ:डीजीपी की तरफ से कहा गया है कि जहां एनकाउंटर हुआ है उस क्षेत्र के थाने की पुलिस जांच नहीं करेगी. दूसरे थाने की पुलिस या फिर क्राइम ब्रांच से उसकी जांच कराई जाएगी. एनकाउंटर में शामिल अफसरों से एक रैंक ऊपर के अधिकारी ही इसकी जांच करेंगे. डीजीपी की ओर से सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को यह निर्देश जारी किए गए हैं. §֍:परिजनों को तुरंत मिलेगी जानकारी§ֆ:डीजीपी की ओर से दिए गए निर्देशों में कहा गया कि अनकाउंटर में मारे गए बदमाश के परिजनों को तुरंत इसके बारे में सूचित किए जाएगा. इसी के साथ जानकारी पंचायतनामा में दी जाएगी. इतना ही नहीं एनकाउंटर में इस्तेमाल किए गए हथियारों को सरेंडर करना होगा. जिन मामलों में अपराधी सामान्य अथवा गंभीर रूप से घायल होते हैं, ऐसे सभी मामलों में अपराधी के हेंडवाश एवं अपराधी से बरामद हथियारों का बैलस्टिक परीक्षण अवश्य कराया जाए. §֍:§उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ सालों में कई एनकाउंटर हुए. इसको लेकर लगातार सवाल उठाने के बाद योगी सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है. इसको लेकर डीजीपी को ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. इसके तहत एनकाउंटर में अपराधी की मौत या घायल होने पर शूटआउट साइट की वीडियोग्राफी करानी होगी. अगर अनकाउंटर में अपराधी की मौत या घायल होने पर शूटआउट साइट की वीडियोग्राफी करानी होगी. अगर एनकाउंटर में अपराधी की मौत हो जाती है तो दो डॉक्टरों का पैनल डेडबॉडी का पोस्टमार्टम करेगा और उसकी भी वीडियोग्राफी होगी. साथ ही जिस जगह पर शूटआउट हुआ, वहां फॉरेंसिक टीम भी निरीक्षण करेगी.

