֍:योगी आदित्यनाथ ने लिया सख्त एक्शन §ֆ:एसआईटी ने अपनी 300 पन्नों की रिपोर्ट में 125 लोगों के बयान दर्ज किए थे. इनमें हाथरस के डीएम आशीष कुमार, एसपी निपुण अग्रवाल से लेकर सत्संग की अनुमति देने वाले एसडीएम और सीओ सिकंदराराऊ और दो जुलाई को सत्संग की ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों के बयान भी शामिल थे. इस रिपोर्ट में सत्संग का आयोजन करने वाली कमेटी पर निशाना साधा गया था, जबकि इसमें सूरजपाल उर्फ साकार विश्व हरि का नाम ही नहीं था.
§֍:एसआईटी जांच के बाद क्या-क्या हुआ? §ֆ:- सबूतों के आधार पर हादसे के लिए कार्यक्रम आयोजकों को मुख्य रूप से जिम्मेदार माना है.
– हादसे के पीछे किसी बड़ी साजिश से भी इनकार नहीं, गहन जांच की जरूरत है.
§֍:हाथरस भगदड़ में गई 121 लोगों की जान §ֆ:बता दें कि बीती दो जुलाई को यूपी के हाथरस में सूरजपाल उर्फ भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ मची थी, जिसमें 121 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर महिलाएं थीं. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी देव प्रकाश मधुकर को गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा छह और आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है. ये सभी आरोपी सत्संग आयोजन समिति के सदस्य थे. §यूपी के हाथरस में बीती 2 जुलाई को साकार विश्व हरि के सत्संग में मची भगदड़ में एसआईटी रिपोर्ट के बाद योगी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. इस मामले में स्थानीय एसडीएम, सीओ और तहसीलदार समेत छह अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. एसआईटी ने अपनी 300 पेज की रिपोर्ट में इन अधिकारियों की लापरवाही बताई थी.

