प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून को 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दुनियाभर को संबोधित करते हुए कहा कि “तनाव से गुजर रही पूरी दुनिया के लिए योग एक पॉज बटन की तरह है।” पीएम मोदी ने कहा कि आज जब पूरी दुनिया मानसिक तनाव, अवसाद और असंतुलन का सामना कर रही है, ऐसे में योग मानवता को भीतर से जोड़ने और संतुलन में लाने का माध्यम बन रहा है।
प्रधानमंत्री ने ‘योग फॉर सेल्फ एंड सोसाइटी’ थीम पर आधारित इस वर्ष के योग दिवस को एक वैश्विक जन-आंदोलन बताया और कहा कि योग अब भारत की सीमाओं से निकलकर एक वैश्विक विरासत बन चुका है।
उन्होंने कहा,“योग हमारे शरीर, मन और आत्मा को जोड़ता है। यह न केवल व्यक्ति के भीतर सकारात्मकता लाता है, बल्कि समाज में भी सामूहिक शांति और सद्भावना को बढ़ावा देता है।”
इस अवसर पर देशभर के विभिन्न हिस्सों में योग सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें लाखों लोगों ने भाग लिया। वहीं, विदेशों में भी भारतीय दूतावासों द्वारा योग दिवस को बड़े उत्साह से मनाया गया। अमेरिका से लेकर ऑस्ट्रेलिया, जापान से लेकर यूरोप तक योग की गूंज सुनाई दी।
PM मोदी ने कहा कि आज के दौर में जब व्यक्ति भाग-दौड़ और प्रतिस्पर्धा के चलते मानसिक थकावट से जूझ रहा है, ऐसे समय में योग आत्मचिंतन और शांति पाने का श्रेष्ठ माध्यम बन गया है।
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ शरीर और शांत मन ही सशक्त समाज की नींव होते हैं, और योग हमें यही दिशा दिखाता है।”

