֍:बारिश के कारण बिगड़े हालात §ֆ:केरल सरकार ने वायनाड में भूस्खलन पीड़ितों और बचे लोगों के खातों से कर्ज की मासिक किस्तें काटने पर सोमवार को कड़ी नाराजगी जताई और मांग की कि इन कर्ज को पूरी तरह माफ कर दिया जाए. पीटीआई के अनुसार मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सोमवार को तिरुवनंतपुरम में बैकों के कार्यक्रम में कहा कि कर्ज माफ करने से बैंकों पर कोई असहनीय बोझ नहीं पड़ेगा, इसलिए इसे पूरी तरह माफ कर दिया जाना चाहिए.
§֍:पीड़ित किसानों-ग्रामीणों का बकाया कर्ज माफ करें बैंक§ֆ:मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ब्याज राशि में छूट या मासिक किस्तें जमा करने के लिए समय बढ़ाने से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में कोई समाधान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कर्ज लिया था, उनमें से कई की मृत्यु हो चुकी है और आपदा के कारण उनकी जमीन अनुपयोगी हो गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम केवल इतना कर सकते हैं कि इन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की बकाया कर्ज राशि को माफ कर दें.
§֍:प्रभावित क्षेत्र में खेती या बसावट करना मुश्किल §ֆ:मुख्यमंत्री ने बैंकों की ओर से पीड़ितों के खातों से मासिक किस्तें काटने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति से इस मामले में सही निर्णय लेने को कहा. वायनाड में 30 जुलाई की त्रासदी की भयावहता और प्रभाव को याद करते हुए सीएम ने कहा कि वायनाड में भूस्खलन के शिकार या जीवित बचे लोगों की एक बड़ी संख्या खेती-बाड़ी में लगी हुई थी. लेकिन, इस आपदा ने वहां की कृषि भूमि के भूगोल को बदल दिया है. उन्होंने कहा कि प्रभावित खेत और भूमि अनुपयोगी हो गई हैं और इन क्षेत्रों में खेती या बसावट संभव नहीं है.
§इस सीजन मॉनसूनी बारिश में केरल में तय समय से 2 दिन पहले पहुंची और अब तक राज्य में जमकर बारिश हुई है. वायनाड हादसे ने तो देश को झकझोर दिया. जबकि, बारिश और बाढ़ के चलते केरल राज्य में कई हजार हेक्टेयर में खड़ी धान समेत अन्य खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. प्रभावित किसानों को राज्य सरकार मुआवजे के रूप में राहत दे रही है. वहीं, अब किसानों के बकाया कर्ज को माफ करने के लिए सरकार ने बैंकों से अपील की है.

