֍:जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा कीमत§ֆ:5 मार्च को हुई आखिरी नीलामी में उत्तर प्रदेश, असम, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और हरियाणा में पिछले हफ्ते के मुकाबले न्यूनतम बोली की कीमत में 10-150 रुपये प्रति क्विंटल की लिमिट में बढ़ोतरी देखने को मिली. वहीं, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल में उच्चतम बोली मूल्य में 10 से 58 रुपये प्रति क्विंटल की लिमिट में बढ़ोतरी देखने को मिली. सबसे ऊंची बोली 3,275 रुपये प्रति क्विंटल जम्मू और कश्मीर में लगी.§֍:अधिक कीमतों पर हो रही बिक्री§ֆ:हरियाणा में 2,880 रुपये प्रति् क्विंटल के दाम से गेहूं बिका. वहीं, दर्ज की गई, जबकि पंजाब में 2,850 रुपये प्रति क्विंटल और बिहार में 2,953 रुपये क्विंटल दर्ज की गई. रिपोर्ट के मुताबिक, अफसरों ने कहा कि प्रोसेसर में गेहूं की बहुत डिमांड थी, जिसके चलते लगभग गेहूं का उठान हो गया और बिक्री भी आरक्षित से ज्यारदा कीमत पर हुई. हालांकि, सरकार थोड़ी हद तक कीमतों को कंट्रोल कर सकी. एफसीआई ने इस वर्ष 2,800 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से गेहूं बेचा, जबिक औसत आरक्षित मूल्य 2,464 रुपये प्रति क्विंटल था. §केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारतीय खाद्य निगम के जरिए ओपन मार्केट सेल्स स्कीम के तहत गेहूं की बिक्री बंद कर दी है. सरकार ने नया टेंडर नहीं जारी करने का फैसला लिया है. केंद्र ने इस सीजन में गेहूं की कीमतें नियंत्रित करने के लिए 4 दिसंबर 2024 से गेहूं की साप्ताहिक नीलामी शुरु कर ट्रेडर्स/प्रोसेसर्स/मिलर्स के सामने 3 मिलियन टन गेहूं की पेशकश की, जिसमें से खरीदारों ने बोली लगाकर 2.97 मिलियन टन गेहूं खरीद लिया. इससे पहले वित्तीय वर्ष 2023-24 में 10 मिलियन टन की बिक्री की थी.

