֍:एफ एंड पीडी मंत्रालय ने दी जानकारी§ֆ:इसको लेकर खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने कहा है कि खुले बाजार में गेहूं की कीमत को नियंत्रित करने के लिए ओपेन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) 2024 के तहत गेहूं आपूर्ति बढ़ाने के लिए ई-नीलामी करेगी. आधिकारिक बयान में कहा गया है कि भारतीय खाद्य निगम ई-नीलामी के लिए 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं की बिक्री करेगा. आटा मिलों, गेहूं उत्पादों के निर्माताओं, प्रॉसेसिंग यूनिट को यह गेहूं बेचा जाएगा. §֍:ये होगा दाम§ֆ:खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने 2024 के लिए अपनी OMSS (D) नीति में गेहूं के लिए 2325 रुपये प्रति क्विंटल (FAQ) और 2024 के लिए 2325 रुपये प्रति क्विंटल का रिजर्व मूल्य तय किया है. 31 मार्च 2025 तक आरएमएस 2024-25 सहित सभी फसलों के गेहूं (यूआरएस) के लिए 2300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से ई नीलामी के जरिए निजी प्लेयर्स को बिक्री किया जाएगा. एफसीआई के साथ राज्य एजेंसियों के पास साल के 31 अक्टूबर तक गेहूं का स्टॉक 222.64 लाख टन है. §֍:एमएसपी से दोगुने हुए गेहूं के दाम§ֆ:दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात और गोवा की मंडियों में गेहूं की कीमतें एमएसपी से दोगुना भाव पर पहुंच गईं थी. यहां अधिकतम थोक दाम 5800 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया. यह कीमत एमएसपी की तुलना में दोगुनी से भी ज्यादा थी. सरकारी आंकड़ों से पता चला है कि मंडियों में गेहूं का औसत भाव 31.92 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. जबकि, अधिकतम कीमत 58 रुपये प्रति किलो है.§भारत की मंडियों में काफी समय से गेहूं के दामों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही थी. दाम इतने ज्यादा बढ़ गए थे कि एमएसपी से लगभग डबल रेट पर गेहूं बिक रहा था. इसी को लेकर एफसीआई ने बफर स्टॉक 25 लाख टन गेहूं ई-ऑक्शन के जरिए खुले बाजार में लाने का निर्णय लिया है.

