֍:पंधेर ने कही ये बात§ֆ:पंधेर ने कहा, किसान संगठनों में एकता के प्रयास जारी हैं, मगर एकता अभी नहीं बनी है. हम सबकी कोशिश जरूर है कि संगठनों में एकता बनाई जाए. 8 मार्च को एसकेएम ने दिल्ली कूच का ऐलान किया है. इस पर पंधेर ने कहा कि एसकेएम को ऐसा करने का अधिकार है और हम चाहेंगे कि महिला दिवस के दिन सरकार पर ज्यादा से ज्यादा दबाव बनाकर किसानों की मांगें मनवाई जाएं. इससे पहले पंधेर ने सोमवार को कहा कि अगर 19 मार्च को केंद्र के साथ होने वाली अगले दौर की वार्ता के दौरान उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो किसान 25 मार्च को दिल्ली कूच फिर से शुरू करेंगे. पंधेर ने कहा, केंद्र सरकार द्वारा किसानों के साथ बैठक तय किए जाने के बाद किसान नेता मनजीत सिंह राय और बलवंत सिंह बेहरामके के नेतृत्व में 25 फरवरी का दिल्ली चलो कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया. इस कार्यक्रम के तहत 101 किसानों का जत्था दिल्ली के लिए रवाना होना था. अब यह जत्था राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच करेगा, अगर 19 मार्च को वार्ता बेनतीजा रही और सरकार हमारी मांगें नहीं मानती है.§֍:बाल झड़ने पर बोले पंधेर§ֆ:पंधेर से एक सवाल यह भी पूछा गया कि महाराष्ट्र में पंजाब के गेहूं को लेकर शिकायतें आई हैं कि उसमें सेलेनियम की मात्रा अधिक होने से लोगों के बाल झड़ रहे हैं. इस सवाल पर पंधेर ने कहा कि यह एक टेक्निकल विषय है, लेकिन इतना जरूर कहेंगे कि पंजाब में लोगों के इतने बड़े-बड़े बाल हैं, आजतक झड़े नहीं. अब उधर (महाराष्ट्र) के बारे में क्या कहें. ये पंजाबियों की बदनाम करने वाली बात है. दूसरी ओर, एसकेएम (गैर-राजनीतिक) और केएमएम ने एक प्रेस रिलीज में कहा, आज 94वें दिन जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन दातासिंहवाला-खनौरी किसान मोर्चे पर जारी रहा. पिछले 3 दिनों से उनकी तबियत बहुत ज्यादा बिगड़ रही है. कल रात को लगभग 11.45 बजे जगजीत सिंह डल्लेवाल को ठंड के कारण बहुत ज्यादा कंपकंपी आने लगी जिसे नियंत्रण में लाने में डॉक्टरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. §किसान संगठनों ने गुरुवार को चंडीगढ़ में एक बैठक आयोजित की. इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा, किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने हिस्सा लिया. बैठक में केएमएम और एसकेएम के विरोध प्रदर्शन कर रहे नेता शामिल हुए. इस दौरान पंधेर ने एक न्यूज चैनल “आज तक” से बातचीत की. उन्होंने कहा, एसकेएम ने किसानों की एकता का जो नया प्रस्ताव लाया है, उसकी मीटिंग अच्छे माहौल में हुई. एसकेएम के प्रस्ताव पर हमारे दोनों मोर्चों (एसकेएम-गैर राजनीतिक और केएमएम) ने एक सरसरी निगाह मारी है. उस पर नजर डालने के बाद कुछ ऐतराज थे जिसे एसकेएम को नोट करा दिए गए. एसकेएम ने उसे नोट कर लिए. वो भी अपने प्रस्ताव पर विचार करेंगे और हम भी अपने मोर्चों में इस प्रस्ताव पर विचार करेंगे.

