ֆ:हार्वेस्टर को लेकर आयोजित इस कार्यक्रम के बारे में बताए ?
§ֆ:मै बताना चाहूँगा कि कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण से काफी फायदा हो रहा है. ऐस द्वारा निर्मित हार्वेस्टर किसानों को काफी पसंद आ रहे हैं. हमने मथुरा के कोसीकलां में ।बम हार्वेस्टर मेगा डिलीवरी कार्यक्रम का आयोजन किया. इस कार्यक्रम का आयोजन ACE-SBI एमओयू के तहत किया गया. कोसीकलां एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें काफी किसान और कांट्रेक्टर ट्रैक मशीन लेकर अलग अलग राज्यों में जाते हैं. हमारा यही प्रयास है कि हम यहाँ के किसानों को हार्वेस्टर के साथ बेहतर फाइनेंस सुविधा भी उपलब्ध करा पाए. इसी के तहत हमने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू साईन किया है. हम पिछले 6 महीनों से इस पर कार्य कर रहे हैं, इस मुहीम से हम प्रयास कर रहे हैं कि हम अधिक से अधिक किसानों को समृद्ध बना सके.इसलिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें हमने 5 ग्राहकों को हार्वेस्टर दिए हैं .
§ֆ:1 दिन में 5 हार्वेस्टर डिलीवर करना एक बड़ी उपलब्धि है इस पर आप क्या कहेंगे ?
§ֆ:मै बताना चाहूँगा कि यह हार्वेस्टर 1 दिन डिलीवर जरूर हुए हैं, लेकिन इनकी मेहनत पिछले 6 महीनों से चल रही है. यह हम जानते हैं कि अब किसानों का सीजन आने वाला है, लेकिन किसान इसकी तैयारी कई महिने पहले से कर लेते हैं, कि मशीन कहा से ले और कैसे फाइनेंस कराये.उसी तरह हम भी पिछले काफी समय से मेहनत कर रहे थे. हमें बहुत अच्छा लग रहा है कि हम 1 दिन में 5 हार्वेस्टर किसान भाईयों को डिलीवर करके अच्छा महसूस कर रहे हैं.
§ֆ:ऐस ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ जो एमओयू साइन किया है, किसानों के लिए ये कैसे लाभकारी रहेगा ?
§ֆ:भारत सरकार की मदद से ऐस ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एक मिलकर इसकी शुरुआत की है। इस प्रोग्राम की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के लिए किसानों को योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इस योजना के तहत किसानों को पहले के मुकाबले काफी कम ब्याज देना होगा। इस योजना के अंदर जो हमारे ग्राहक हैं, उन्हें 9 प्रतिशत पर ब्याज देना होगा, लेकिन अगर वो ग्राहक सही समय पर ब्याज देते हैं तो उन्हें 3 प्रतिशत की छूट पर लोन की सुविधा मिलेगी। खासतौर पर यूपी के लिए इस योजना में 3 प्रतिशत और छूट को बढ़ाया गया है। इस योजना को बेहतर बनाने के लिए हमने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ मिलकर किसानों को इस योजना के बारे में समझाने की कोशिश की है।
§ֆ:फाइनेंस सुविधा के लिए किसानों को किसी तरह की परेशानी होती है ?
§ֆ:शुरुआत में तो थोड़ी बहुत परेशानी सभी चीजों में होती है. इसके शुरूआती चरण में थोड़ी बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ा. हमने इस योजना की शुरुआत अक्टूबर से की थी. किसानों को फाइनेंस की सुविधा एग्रीकल्चर ब्रांच से उपलब्ध होती है. अब आसानी से यह फाइनेंस सुविधा किसानों के लिए उपलब्ध है. शुरुआत में इसको किसानों को समझाने में थोडा समय लगा. इसमें एसबीआई ने हमारी काफी मदद की. इसी के साथ ही इस प्रक्रिया को काफी सरल बनाया. इसमें किसी तरह की कोई परेशानी नही होती है.
§ֆ:ऐस और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की इस साझा फाइनेंस योजना का लाभ किसानों को कब तक मिलेगा ?
§ֆ:मै बताना चाहूँगा यह एक ओपन एमओयू है. जब तक सरकार द्वारा एग्री इन्फ्रा फण्ड चल रहा है इसी के तहत इस योजना को किसानों के लिए लागू किया गया है. मै बताना चाहूँगा कि यह तो बस एक शुरुआत है. हम इस फाइनेंस सुविधा को किसानों के लिए अलग अलग राज्यों में भी लेकर जायेंगे. यह लम्बे समय तक चलेगी और हमारा प्रयास है कि हम किसानों इस योजना से अधिक से अधिक लाभान्वित करें.
§ֆ:
किसानों को आप क्या कहना चाहेंगे ?
§ֆ:मै किसान भाईयों को कहना चाहूँगा कि ऐस के सभी उत्पाद उच्च गुणवत्ता से तैयार किए जाते हैं. किसानों को ऐस के उत्पाद अवश्य उपयोग करने चाहिए.सभी उत्पादों को उच्च गुणवत्ता मानको के साथ तैयार किया जाता है तभी उनको बाजार में लाया जाता है. खासकर हार्वेस्टर किसानों के लिए कमाई का एक बेहतरीन सोर्स है.
§देश में कृषि क्षेत्र का स्वरूप बहुत बदला है। तकनिकी से कृषि के क्षेत्र में बहुत बदलाव हुए हैं, इस दौरान सबसे अधिक प्रचलन बढ़ा कृषि मशीनरी का जिसके चलते एक और कृषि क्रांति की शुरुआत हुई। कृषि मशीनीकरण से कृषि क्षेत्र में काफी बदलाव हुए हैं. जानी-मानी कृषि यन्त्र निर्माता कंपनी ।ब्म् किसानों को उच्च तकनीक वाले हार्वेस्टर उपलब्ध करा रही है.इसके लिए कंपनी ने एक मेगा डिलीवरी कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें फसल क्रांति की टीम ने ऐस (।ब्म्) के सीओओ अशोक अनंथरमण से बात की पेश है उनसे बातचीत के कुछ मुख्य अंश .

