ֆ:वीएसटी टिलर्स एंड ट्रैक्टर्स के सीईओ एंटनी चेरुकारा के अनुसार, “इस वर्ष एक इलेक्ट्रिक पावर टिलर और एक पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वीडर लॉन्च करने जा रहे हैं। इन दोनों उत्पादों को फैक्ट्रियों में पूरी तरह इन-हाउस विकसित और निर्मित किया जाएगा।”§֍:तीन साल की साझेदारी का अनुभव§ֆ:कंपनी की यह इलेक्ट्रिक यात्रा अमेरिका स्थित मोनार्क ट्रैक्टर के साथ तीन वर्षों की साझेदारी पर आधारित है, जिसमें वीएसटी ने मोनार्क के स्वचालित इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों के लिए ड्राइवट्रेन कंपोनेंट्स की आपूर्ति की थी।§֍:एक चार्ज में चार घंटे की क्षमता§ֆ:चेरुकारा ने बताया कि नया इलेक्ट्रिक टिलर एक बार चार्ज करने पर तीन से चार घंटे तक काम कर सकता है। “हमने इसे इस तरह डिजाइन किया है कि किसान सुबह 8 बजे से दोपहर तक काम कर सके, फिर लंच ब्रेक के दौरान इसे चार्ज करे और दोबारा दोपहर बाद खेत में काम कर सके। यह आज के समय में सबसे व्यावहारिक और किफायती समाधान है,” उन्होंने कहा।§֍:फास्ट चार्जिंग और स्वैपेबल बैटरी की सुविधा§ֆ:भारतीय बाजार में मुरुगप्पा समूह जैसी कंपनियां पहले ही इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर सेगमेंट में प्रवेश कर चुकी हैं, लेकिन वीएसटी खुद को फास्ट चार्जिंग सुविधा और वैकल्पिक रूप से स्वैपेबल बैटरी के जरिए अलग करने की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य है कि उपकरणों को सिर्फ 30-40 मिनट में 70-80 प्रतिशत तक चार्ज किया जा सके।चेरुकारा ने कहा, “स्वैपेबल बैटरियों का इस्तेमाल भविष्य में और भी व्यावहारिक बन सकता है, लेकिन फिलहाल हमारा फोकस तेज और भरोसेमंद चार्जिंग समाधान देने पर है।”§֍:अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी प्रवेश§ֆ:वीएसटी केवल भारतीय किसानों को ही नहीं, बल्कि यूरोप और अन्य वैश्विक बाजारों में भी अपने इलेक्ट्रिक उत्पादों का निर्यात करने की योजना बना रही है।§֍:बिक्री में वृद्धि§ֆ:एफवाई25 में कंपनी ने 37,297 पावर टिलर बेचे, जो एफवाई 24 में 36,480 यूनिट्स थी। वहीं वीडर की बिक्री 7,458 यूनिट्स पहुंच गई, जो पिछले साल 4,567 यूनिट्स थी यानि इस सेगमेंट में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।§भारत की प्रमुख कृषि यंत्र निर्माता कंपनी वीएसटी टिलर्स एंड ट्रैक्टर्स ने घोषणा की है कि वह वित्तीय वर्ष 2025-26 में दो नई पूरी तरह से इलेक्ट्रिक मशीनें इलेक्ट्रिक पावर टिलर और इलेक्ट्रिक पावर वीडर लॉन्च करेगी। यह कदम कृषि क्षेत्र में इलेक्ट्रिफिकेशन की ओर बढ़ते रुझान के अनुरूप है।

