֍:संघ की बीजेपी को नसीहत§ֆ:केरल में होनी वाली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक से पहले संघ की तरफ से बीजेपी और संगठन को लेकर समीक्षा करने के लिए इस बैठक का आयोजन किया गया था. इसमें उत्तर प्रदेश की सियासी हालात पर चर्चा की गई. प्रदेश से लेकर जिले स्तर तक संघ, संगठन और सरकार में समन्वय बने इस पर जोर दिया गया.
§֍:पुराने कार्यकर्ताओं को मिलेगी तरजीह§ֆ:बैठक में तय किया गया कि भाजपा अब बूथ प्रबंधन और जनता से संवाद पर जोर देगी और उपचुनाव में भाजपा के साथ संघ भी मोर्चा संभालेगा. इसके साथ निगम, बोर्ड में पुराने कार्यकर्ताओं और विचार परिवार को तरजीह दी जाएगी. वर्षों से काम कर रहे कार्यकर्ता को प्राथमिकता दी जाएगी. यह तय हुआ कि दूसरे दलों से आए नेताओं को बाद में समायोजित किया जाएगा.
§֍:सीएम और डिप्टी सीएम भी रहे मौजूद§ֆ:इस बैठक में CM योगी, संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार भी मौजूद रहे. दोनों डिप्टी सीएम और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री भी इसमें शामिल हुए. उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य लगातार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ कर रहे हैं जो इस बात का संकेत है कि यूपी में अब सरकार और संगठन के बीच छिड़ी रार शांत हो गई है. अब सितंबर के पहले सप्ताह में केरल में होने वाले आरएसएस की बैठक में चुनाव और बीजेपी की प्रदर्शन की समीक्षा और चर्चा होगी.§उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास 5 कालिदास मार्ग पर बुधवार को एक अहम बैठक हुई जिसमें आरएसएस, सरकार और संगठन के बीच विस्तृत चर्चा हुई. बीजेपी, सरकार और संघ की इस मैराथन बैठक में लोकसभा चुनाव में बीजेपी को अप्रत्याशित तौर पर हुए बड़े नुकसान की समीक्षा की गई.

