֍:अब तक 3.67 लाख किसानों ने कराया पंजीकरण§ֆ:आलम यह है कि दो दिन में लगभग 11 हजार से अधिक किसानों ने सरकारी बिक्री के लिए पंजीकरण कराया. 8 अप्रैल तक जहां 20,409 किसानों से गेहूं क्रय किया गया था, वहीं 10 अप्रैल तक बिक्री करने वालों किसानों की संख्या बढ़कर 27388 से अधिक हो गई है. यानी दो दिन में लगभग सात हजार से अधिक किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की बिक्री की. 8 अप्रैल तक 3.56 लाख किसानों ने गेहूं बिक्री के लिए पंजीकरण कराया था, जो 10 अप्रैल तक बढ़कर 3.67 लाख हो गई है. §֍:अवकाश में भी गांव-गांव पहुंचे अफसर§ֆ:गेहूं की अच्छी ख़रीद हो, इसके लिए कटाई के पहले से ही गांव गांव जाकर किसानों से संपर्क साधा गया और उन्हें सरकारी क्रय केंद्र पर बिक्री के लिए प्रेरित किया गया. खाद्य व रसद विभाग पहली बार मोबाइल क्रय केंद्रों के माध्यम से किसान के खेत तक पहुंच रहे हैं. एक तरफ़ कटाई चल रही है तो वहीं दूसरी तरफ मौके पर ही गेहूं तौला जा रहा है. सीएम योगी के निर्देश पर अवकाश के दिनों में भी क्रय केंद्र खुल रहे हैं, जिससे गेहूं बेचना अन्नदाता किसानों के लिए काफी आसान हो गया है. §अन्नदाता किसानों के हित के लिए संकल्पित योगी सरकार घर-घर पहुंच रही है. विपरीत मौसम को देखते हुए एक तरफ योगी सरकार ने निर्देश जारी किए हैं कि गेहूं खुले में न रहे, इसे गोदाम में सुरक्षित रखा जाए तो वहीं दूसरी तरफ रविवार हो या अन्य अवकाश, मोबाइल क्रय केंद्र के माध्यम से किसानों से संवाद जारी है. आंकड़े बताते हैं कि सरकार के प्रयासों को किसानों का भी साथ मिल रहा है. 10 अप्रैल (दोपहर 12 बजे तक) गेहूं खरीद के लिए 3,67,875 किसानों ने पंजीकरण करा लिया. 5784 क्रय केंद्रों के माध्यम से गेहूं खरीद हो रही है. 27388 किसानों से 1.43709 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीद भी हो चुकी है.

