֍:इतनी होगी फीस§ֆ:यूपी सरकार ने अपनी आबकारी नीति में भी अहम बदलाव किए है, ऊपर फ्रूट वाइन शॉप का फैसला भी इसमें शामिल है. राज्यर सरकार फ्रूट वाइन की बिक्री के लिए जो दुकानें अलॉट करेगी, इसके आवेदन के लिए प्रोसेसिंग फीस तय की गई है. आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल के अनुसार, मंडल जिला मुख्याखलयों में प्रोसेसिंग फीस 50 हजार रुपये रहेगी और अन्य, जिला मुख्या लयों में 30 हजार रुपये की प्रोसेसिंग फीस लगेगी. आबकारी मंत्री ने बताया कि अगर भविष्यं में इन दुकानों को बढ़ाने की जरूरत पड़ी तो इसमें कमिश्नखर के पास 3 प्रतिशत बढ़ाने की शक्ति होगी. §֍:ऐसे अलॉट होंगी दुकानें§ֆ:कैबिनेट के फैसल के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 से शराब की दुकानों का व्यवस्थापन ई-लाटरी के माध्यम से होगा. नई आबकारी नीति के लागू होने से यूपी में शराब महंगी होगी. वहीं, किसी इलाके में अगर अंग्रेजी शराब दुकान और बीयर शॉप आसपास है तो इन्हेंव मर्ज कर दिया जाएगा. सरकार ने शराब से 58,000- 60,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य तय किया है. सरकार ने शराब दुकान की लाइसेंस फीस में 10 प्रतिशत की वृद्धि की है. वहीं, इथेनॉल ब्लें डिंग के परमिट के लिए राज्य0 सरकार ने 7500 रुपये की प्रोसेसिंग फीस तय की है. §उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की ओर से बागवानी करने वाले किसानों के लिए एक बड़ी सौगात देने का फैसला लिया गया है. राज् के हर जिले में अब फलों से बनी फ्रूट वाइन की बिक्री के लिए दुकाने खोली जाएंगी. राज्य के 75 जिला मुख्यालयों में इन दुकानों पर केवल फलों द्वारा निर्मित शराब बेची जाएगी. सरकार की ओर से कहा गया कि इस फैसले से किसानों को काफी फायदा होगा. बुधवार शाम को यूपी कैबिनेट की बैठक में 12 प्रस्ताव पेश हुए, जिसमें से 11 प्रस्ताजवों को मंजूरी मिली.

