֍:समीक्षा बैठक का आयोजन§ֆ:इन विषयों पर केंद्रीय मंत्री ने विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में कुलपति डॉ. इन्द्रजीत सिंह, बिहार पशुचिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. जे.के. प्रसाद, निदेशक (शोध) डॉ. वी.के. सक्सेना सहित अन्य वैज्ञानिकों के साथ बैठक की. बैठक में पशुधन उत्पादन, पशु स्वास्थ्य, कृत्रिम गर्भाधान, एम्ब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी (ई.टी.टी.), सेक्स-चॉर्टेड सीमेन और आई.वी.एफ. तकनीक के क्षेत्र में चल रहे कार्यों पर चर्चा और समीक्षा की गई.§ֆ:इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. इन्द्रजीत सिंह ने मंत्री महोदय को पिछले वर्षों में इन तकनीकों के माध्यम से जन्मे साहिवाल नस्ल के बछड़ों और बछियों की जानकारी दी, और कहा कि इससे विश्वविद्यालय के फार्म में देशी गायों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है.§֍:केंद्रीय मंत्री ने कही ये बात§ֆ:केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि पशु नस्ल सुधार के क्षेत्र में कार्य करने की आवश्यकता है, क्योंकि पशुओं के नस्ल सुधार में बहुत काम करने की अभी जरूरत है. उन्होंने ब्राजील से उच्च गुणवत्ता वाले पशुओं के आयात और उन्हें भारतीय उन्नत नस्ल के सीमेन से क्रॉस-ब्रीड कर उच्च उत्पादकता वाली नस्लें विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की.§केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों से कहा कि वे देसी नस्ल के सुधार पर विशेष ध्यान दें. खासकर ब्लैक बंगाल बकरियों की संख्या बढ़ाने पर ध्यान दें, क्योंकि मांस की मांग बढ़ रही है. केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने सोमवार को बिहार पशु वित्रान विश्वविद्यालय का दौरा किया. इसी दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सकों के साथ वैज्ञानिकों को नई तकनीकों को उपयोग कर उन्नत नस्ल के पशुओं के विकास पर ध्यान देने की सलाह दी. खास तौर पर सेक्स सॉर्टेड सीमेन के इस्तेमाल पर जोर दिया, ताकि उच्च गुणवत्ता वाली पशु नस्लों का विकास किया जा सके.

