केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार के पटना में शहीद बुद्धू नोनिया की शताब्दी समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री रेनू देवी, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी व विजय कुमार सिन्हा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल, दरासिंह चौहान, संजय जायसवाल सहित नोनिया समुदाय के हजारों लोग उपस्थित रहे।शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “यह हमारे लिए गौरव का विषय है कि हम उस समाज का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जिसमें शहीद बुद्धू नोनिया जैसे वीर क्रांतिकारी ने जन्म लिया। हम बिहार सरकार का आभार व्यक्त करते हैं कि पटना में उनकी प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।”
उन्होंने शहीद बुद्धू नोनिया के बलिदान को याद करते हुए कहा कि आज़ादी हमें थाली में सजाकर नहीं मिली, बल्कि इसके लिए अनगिनत क्रांतिकारियों ने फांसी के फंदों को चूमा। उन्होंने बताया कि कैसे बुद्धू नोनिया ने नमक सत्याग्रह के दौरान ब्रिटिशों के खिलाफ संघर्ष किया, और किस प्रकार उन्हें धोखे से उबलते नमक के कढ़ाहे में फेंक दिया गया, फिर भी उन्होंने “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारे लगाते हुए प्राण त्याग दिए।कृषि मंत्री ने कहा कि नोनिया और चौहान समुदाय भले ही आर्थिक रूप से कमजोर हों, लेकिन राष्ट्र की अस्मिता के लिए उन्होंने कभी अपने प्राणों की आहुति देने से परहेज नहीं किया। उन्होंने कहा कि 1770 के आसपास संन्यासी विद्रोह और नोनिया विद्रोह जैसे बड़े आंदोलन हुए, जो ब्रिटिशों को भारत से भगाने के उद्देश्य से थे।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों के लिए अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने घोषणा की कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर पात्र गरीब को घर मिलेगा और ‘लखपति दीदी’ योजना के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान श्री चौहान ने जातिगत जनगणना पर अधिसूचना जारी करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया। उन्होंने बताया कि रेनू देवी ने सुझाव दिया है कि यदि 95% नोनिया समुदाय अति निर्धन है, तो उन्हें अनुसूचित जनजाति (ST) की श्रेणी में लाने का विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार इस पर विचार करेगी और सभी सुझावों को केंद्र तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने कहा, “हमें उन्हें समर्थन देना होगा जो हमें समर्थन देते हैं।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान करते हैं, उन्हें देश कभी माफ नहीं करेगा। श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी से प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए अपना भाषण समाप्त किया।

