ֆ:’किलकारी’ कार्यक्रम को शुरू करने में उनके योगदान के लिए हेल्थ केयर प्रफेशनल्स, विशेष रूप से फ्रंट लाइन हेल्थ वर्कर्स की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का लक्ष्य लक्षित लाभार्थियों को मां, नवजात एवं बाल स्वास्थ्य देखभाल के बारे में आईवीआरएस के माध्यम से साप्ताहिक सेवाएं, समय पर सुलभ, सटीक और जरूरी 72 ऑडियो संदेश प्रदान करना है। इस अवसर पर बोलते हुए, प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने कहा, “किलकारी कार्यक्रम का शुभारंभ भारत की बढ़ती मोबाइल फोन पहुंच का लाभ उठाकर सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देने और नागरिक केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।”
§ֆ:इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि “केवल एक स्वस्थ माँ ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती है”, प्रोफेसर बघेल ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, केंद्र सरकार ने महिलाओं के स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं।केंद्रीय मंत्रियों ने लॉन्च में शामिल सभी हितधारकों के प्रयासों की भी सराहना की और कार्यक्रम को और मजबूत करने के लिए हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए।गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री श्री रुशिकेश पटेल ने दोनों पहलों की शुरुआत के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि गुजरात में 95 प्रतिशत से अधिक प्रसव अब संस्थागत होते हैं जिससे माताओं और बच्चों दोनों के लिए सुरक्षित प्रसव हो रहा है।
§केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल और डॉ. भारती प्रवीण पवार ने आज गुजरात और महाराष्ट्र में स्थानीय लाभार्थियों के लिए एक मोबाइल स्वास्थ्य (एम-हेल्थ) पहल, किलकारी कार्यक्रम को वर्चुअली लॉन्च किया। इस दौरान मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा) की जानकारियों को अपग्रेड करने, उन्हें जागरूक करने और उनके मोबाइल फोन के माध्यम से उनके संचार कौशल में सुधार करने के लिए डिज़ाइन किए गए एक निःशुल्क ऑडियो ट्रेनिंग कोर्स ‘मोबाइल अकादमी’ को भी लॉन्च किया गया। इस अवसर पर गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री श्री रुशिकेश पटेल भी उपस्थित थे।लॉन्च पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, डॉ. भारती प्रवीण पवार ने एम-हेल्थ पहल के लॉन्च को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मानव जाति के लाभ के लिए टेक्नॉलजी के इस्तेमाल पर आधारित एक डिजिटल हेल्थ इंडिया दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए देश में स्वास्थ्य क्षेत्र में तीव्र गति से हो रहे परिवर्तन से जोड़ा।

