֍:केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कही ये बात§ֆ:रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत का मानना है कि कमजोर स्थिति से अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और शांति सुनिश्चित नहीं की जा सकती. उन्होंने आगे कहा कि अनुसंधान, विकास, नवाचार के लिए वैश्कि केंद्र के रूप में भार का उभरना हमारी क्षमताओं का प्रमाण है. भारत की रक्षा कूटनीति स्थायी द्विपक्षीय, बहुपक्षीय संबंधों के निर्माण के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है.§֍:बेंगलुरु है भारत की सिलिकॉन वैली§ֆ:उन्होंने कहा आपकी उपस्थिति हमारे हितों की समानताओं के साथ-साथ हमारे मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को भी दर्शाती है. दूरियां भले ही हों, लेकिन दोस्त के घर का रास्ता कभी लंबा नहीं होता. इस दौरान रक्षा मंत्री ने कहा, बंगलूरू शहर, जहां हम आज मिल रहे हैं, नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता का केंद्र है, भारत की सिलिकॉन वैली है. उन्होंने कहा- मेरा दृढ़ विश्वास है कि उभरते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में नवोन्मेषी दृष्टिकोण और मजबूत भागीदारी की आवश्यकता है. वैश्विक मंच पर भारत की भागीदारी सभी के लिए सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता का उदाहरण है.§ֆ:
§कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एयरो इंडिया 2025 के तहत रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संबोधित किया. उन्होंने संबोधन में कहा, भारत ने लंबे समय से शांति, सुरक्षा और विकास के दृष्टिकोण का समर्थन किया है, जो सहयोगात्मक है. रक्षा मंत्री ने आगे कहा, संघर्षों की बढ़ती संख्या ने हमारी दुनिया को और अधिक अप्रत्याशित बना दिया है. रक्षा मंत्री ने इस मौके पर कहा-इसके अलावा, साइबरस्पेस और आउटर स्पेस के आयाम संप्रभुता की स्थापित परिभाषा को चुनौती दे रहे हैं.Speaking at the Defence Ministers’ Conclave in Bengaluru. https://t.co/RB6Q45RW9I
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) February 11, 2025

