֍:MSP पर खरीद§ֆ:पिछले दो सालों में तुअर की कीमतें एमएसपी से 35 परसेंट अधिक चल रही थी, जिसकी वजह से सरकारी एजेंसियों ने इसकी खरीद नहीं की. लेकिन इस बार अच्छी पैदावार होने से एजेंसियों ने तुअर खरीद में तेजी दिखाई है. सरकारी एजेंसियों ने अब तक महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सहित प्रमुख उत्पादक राज्यों में 2024-25 खरीफ सीजन में एमएसपी पर प्रीमियम दलहन किस्म तुअर की 2.4 लाख टन (एमटी) से अधिक की खरीद की है.§֍:मंत्रालय ने की घोषणा§ֆ:कृषि मंत्रालय ने गुरुवार क कर्नाटक में 1 मई से खरीद शुरु करने की घोषणा की है. यह मूल्य समर्थन योजना के तहत फसल कटाई के बाद निर्धारित 90 दिनों की खरीद अवधि से आगे हैं. वहीं, चालू खरीफ सीजन के लिए सहकारी संस्था नेफेड और एनसीसीएफ द्वारा दालों की खरीद अप्रैल के अंत तक जारी रहेगी. साथ ही जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा. क्योंकि कृषि मंत्रालय ने इस सीजन में पीएसएस के तहत किसानों से 1.32 मीट्रिक टन तुअर खरीद को मंजूरी दी है.§֍:130 पर पहुंची कीमतें§ֆ:उपभोक्ता मामलों के विभाग के मूल्य निगरानी प्रकोष्ठ द्वारा बताया गया कि गुरुवार को तुअर की मॉडल खुदरा कीमतें घटकर 130 रुपये प्रति किलो रह गईं, जो एक महीने पहले 160 रुपये प्रति किलो की तुलना में 18 फीसदी कम है. कृषि मंत्रालय ने पिछले साल अपने दूसरे अग्रिम अनुमान में 3.51 मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान लगाया था, जो 2023-24 फसल वर्ष में 3.41 मीट्रिक टन से थोड़ा अधिक है. भारत म्यांमार, मोजाम्बिक, मलावी और तंजानिया सहित कई देशों से लगभग 1 मीट्रिक टन तुअर का आयात करता है.§तुअर दाल की कीमतों में तेजी से गिरावट हो रही है. सरकार ने तुअर की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू कर दी है जिसके बारे में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जानकारी दे चुके हैं. बता दें कि बीते दो सालों से कम पैदावार के कारण तुअर दाल की कीमतें बढ़ी हुई थीं, जिससें मंडियों में तुअर दाल के दाम आसमान छू रहे थे. बढ़ोतरी के कारण सरकारी एजेंसियों ने खरीद रोक दी थी. लेकिन इस साल तुअर की अच्छी उपज होने से कीमतों में गिरावट देखी जा रही है. इस बीच सरकारी एजेंसियां किसानों से तुअर की खरीद कर रही हैं.

