֍:पत्र में लिखी ये बात§ֆ:राकेश टिकैत ने पत्र में लिखा, आपको अवगत करना है कि प्रदेश के अंदर कृषि में नहरी व्यवस्था के साथ में निजी नलकूप सिंचाई करने के लिए एक महत्वपूर्ण अंग है, जिससे समय पर किसान फसलों को सिंचित कर रहा है. दिनांक 22.03.2025 को एक आदेश जारी हुआ, जिसमें कृषि पोषक फीडर से विद्युत समय 10 घंटे से घटाकर 7 घंटे कर दिया गया है. इसकी सप्लाई 2 भागों में वर्गीकृत कर दी गई है जो सुबह 5:15 बजे से 10:15 बजे तक और दोपहर बाद 4:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक निर्धारित रहेगी. §ֆ:पत्र में टिकैत ने आगे लिखा, इतने कम समय में कटौती के साथ में किसान फसलों की सिंचाई समय से नहीं कर पाएगा. दूसरी तरफ गर्मी का मौसम शुरू हो गया है और फसलों में कम समय में सिंचाई करनी पड़ेगी. 2 भागों में वर्गीकृत यह समय दूरी की सिंचाई को प्रभावित करेगा, जिसका सीधा नुकसान फसलों पर पड़ेगा. अतः हमारे आग्रह पर पुनः कृषि पोषक फीडरों पर 10 घंटे विद्युत का आदेश जारी किया जाए और 7 घंटे के आदेश को तत्काल प्रभाव से खारिज किया जाए.§֍:सिंचाई में परेशानी को लेकर की मांग§ֆ:किसानों ने कई जगाहों पर गन्ने की खेती शुरु कर दी है. इन फसलों में सिंचाई के लिए पानी की सख्त जरूरत रहती है क्योंकि इस समय तेजी से तापमान बढ़ता है, जिससे फसलों में पानी की जरूरत बढ़ रही है. इसे देखते हुए किसान अधिक से अधिक बिजली की सप्लाई चाहते हैं ताकि वे समय पर अपनी फसलों को पानी दे सकें. किसानों का एक मुद्दा दो समय में बिजली देने का भी है. §भारतीय किसान यूनिय के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने उत्तर प्रदेश क मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सिंचाई के लिए इस्तेमाल में आने वाली बिजली को लेकर मांग उठाई है. उन्होंने कहा कि कृषि पोषक फीडर पर बिजली की आपूर्ति कम की जा रही है, इससे किसानों को फसल सिंचाई में दिक्कत आ रही है.

