ֆ:टेलीकॉम कंपनियों के द्वारा टैरिफ बढ़ाए जाने के बाद उपभोक्ताओं की जेब पर दबाव बढ़ने की आशंका है. एनालिस्ट मानते हैं कि टैरिफ बढ़ने से शहरी और ग्रामीण दोनों उपभोक्ताओं का खर्च बढ़ेगा. शहरी उपभोक्ताओं के मामले में टेलीकॉल सर्विसेज पर लोगों का खर्च पिछले वित्त वर्ष में उनके कुल खर्च के 2.7 फीसदी के बराबर था, जो चालू वित्त वर्ष में बढ़कर 2.8 फीसदी पर पहुंच सकता है. वहीं ग्रामीण उपभोक्ताओं के कुल खर्च में टेलीकॉम सर्विसेज पर खर्च का हिस्सा 4.5 फीसदी से बढ़कर 4.7 फीसदी हो सकता है.
ईटी की एक रिपोर्ट में सरकारी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि केंद्र सरकार या दूरसंचार नियामक ट्राई की ओर से टैरिफ हाइक के मामले में दखल देने की कोई योजना नहीं है. अधिकारियों का मानना है कि अभी भी भारत में टैरिफ में ज्यादातर देशों की तुलना में कम है. उन्होंने कहा कि प्राधिकरणों का जोर इस बात पर है कि टेलीकॉम कंपनियां सेवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाएंगी।
§इस सप्ताह से तीनों प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइिडया के प्लान महंगे हो चुके हैं. कंपनियों ने मोबाइल टैरिफ में 11 से 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है.

