֍:बागवानी फसलों में होगा इजाफा §ֆ:हिमाचल प्रदेश सरकार ने बागवानी विभाग की जिला स्तरीय समिति ने बिलासपुर जिले के लिए एकीकृत बागवानी विकास परियोजना के तहत 8.5 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना (2025-26) को मंजूरी दे दी है. इसके तहत किसानों को खेतों में और बागानों में कई फसलों को एकसाथ करने की ट्रेनिंग दी जाती है. इसके लिए उन्हें विधियों, मौसम की जानकारी के साथ उपकरण भी उपलब्ध कराए जाते हैं. §֍:किसानों की उपज और कमाई दोगुनी करना लक्ष्य §ֆ:बागवानी विभाग उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय मिशन समिति की बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद योजना को मंजूरी दी गई. उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन्नत तकनीकों और आधुनिक प्रौद्योगिकी के जरिए उत्पादन क्षमता और उत्पादकता में बढ़ोत्तरी करके किसानों की कमाई को दोगुना करना है. सादिक हुसैन ने बताया कि योजना के तहत बागवानों को वृक्षारोपण सहायता, जल प्रबंधन सुविधाएं और संरचनात्मक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.§֍:योजना में इन फसलों की करते हैं खेती §ֆ:एकीकृत बागवानी विकास परियोजना के तहत बागवानी फसलों में आम, अमरूद, केला, फूलों में गेंदा, गुलाब के साथ ही मसाला की खेती में हल्दी, प्याज, लहसुन की खेती एक साथ की जाती है. किसानों को खेत और बागान में ग्रीन हाउस, पाली हाउस बनाकर भी इनकी खेती कर सकते हैं. इसके लिए राज्य सरकारें किसानों को सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जाती है. §֍:पहाड़ी इलाकों में हो रहा बागवानी फसलों का प्लांटेशन §ֆ:हिमाचल में बागवानी फसलों की बुवाई चल रही है. दिसंबर से मार्च तक बागवानी फसलों का प्लांटेशन किया जाता है. हिमाचल में सेब, अखरोट आदि के बागानों में फ्लांटेशन किया जा रहा है. जबकि, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर समेत अन्य पहाड़ी इलाकों में बागवानी फसलों के लिए बागानों में कृषि गतिविधियां चल रही हैं. §बागवानी फसलों के विकास और किसानों की आय और उपज बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें तेजी से काम कर रही हैं. इसी दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर चलाई जा रही एकीकृत बागवानी विकास परियोजना में किसानों को खाद्यान्न और सब्जियों की खेती के साथ ही फलों की खेती करने की ट्रेनिंग, विधियां और उपकरण सहायता दी जा रही है. इसके राज्य सरकारें भी योजना को लागू कर रही हैं और हिमाचल सरकार ने बागवानी परियोजना के लिए 8.5 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है.

