֍:900 गांवों में मध्य प्रदेश के ये तीन गांव विजेता§ֆ:केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से दिल्ली में विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर राष्ट्रीय समारोह आयोजित हुआ. इस दौरान ग्राम पर्यटन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई. केंद्र सरकार द्वारा तय मानकों को पूरा करने वाले गांवों को इस प्रतियोगिता के विजेता के रूप में सम्मानित किया गया. इस दौरान एमपी के गांवों ने एक बार फिर अपना परचम लहराया है. इनमें बुंदेलखंड में ओरछा के पास स्थित गांव लाडपुरा खास और चंदेरी के प्राणपुर गांव तथा नर्मदापुरम अंचल में छिंदवाड़ा जिले के साबरवानी गांव को देश का सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम घोषित किया गया. §֍:विजेता गांव में क्या है खास?§ֆ:सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम प्रतियोगिता में चुने गए एमपी के तीन गांवों में से दो गांव बुंदेलखंद रीजन के हैं. इनमें प्राणपुर गांव अशोकनगर जिले में हथकरघा से बनने वाली साड़ियों के लिए मशहूर चंदेरी ब्लॉक में स्थिेत है. जबकि लाडपुरा खास गांव, निवाड़ी जिले में राम राजा नगरी के रूप में मशहूर ओरछा तहसील में मौजूद है. इन गांवों में से चंदेरी के पास प्राणपुर गांव को देश के पहले क्राफ्ट हैंडलूम टूरिज्म विलेज के रूप में विकसित किया गया है. इस गांव में बुनकरों के लगभग 243 घरों में हथकरघा से साड़ी बनाने का काम सदियों से किया जा रहा है. गांव में लगभग 550 हथकरघा पर लगभग 900 बुनकर चंदेरी शैली के कपड़े बनाते हैं.§֍:§ֆ:इसी प्रकार निवाड़ी जिले में ओरछा से महज 5 किमी दूर स्थित लाड़पुरा खास गांव को मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के Responsible Tourism Mission के तहत पहला पर्यटन ग्राम बनने का गौरव प्राप्त है. इस गांव में होम स्टे का संचालन कर रही उमा पाठक ने 10 साल पहले इस गांव में पर्यटन की संभावनाओं को टटोला था. §ֆ:छिंदवाड़ा जिले की तामिया तहसील में बसा सबरवानी गांव समृद्ध गोंड जनजाति की संस्कृति को दर्शाता है. सतपुड़ा नेशनल पार्क के बफर जोन से घिरा यह गांव शांत वातावरण, पक्षियों की प्रचुर प्रजातियों और प्रकृति के मनोरम नजारों से परिपूर्ण है. यहां एमपी टूरिज्म बोर्ड द्वारा 9 होमस्टे तैयार किये जा चुके हैं. इस गांव में आने वाले सैलानी Village Walk, Natural Farming, बैलगाड़ी की सवारी, मछली पकड़ना, पक्षी देखने, और साइकिल चलाने सहित अन्य गतिविधियों का आनंद लेते हैं. §कुछ महीनों से देखा जा रहा है कि मध्य प्रदेश राज्य को कई खिताबों से नवाजा जा रहा है. कृषि क्षेत्र के साथ अब एमपी ने पर्यटन के मामले में में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपना रुतबा कायम किया है. इन गांवों में मध्य प्रदेश सरकार के सहयोग से गांव के लोग देश और दुनिया के पर्यटकों को अपने खेतों में ले जाते हैं, साथ ही उन्हें प्रकृति को देखने का एक अलग नजरिया देते हैं.

