֍:मस्जिद की जानकारी§ֆ:शिमला के सब-डिवीजन संजौली में यह पांच मंजिला मस्जिद पिछले महीने भी सुर्खियों में थी. उस दौरान कुछ लोगों के एक समूह ने दावा किया कि मस्जिद का अवैध रूप से विस्तार किया जा रहा है और इसे लेकर दो समुदायों के बीच संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हुई. 30 अगस्त को अल्पसंख्यक समुदाय के आधा दर्जन लोगों ने कथित तौर पर मल्याणा इलाके में व्यापारी यशपाल सिंह और कुछ अन्य पर रॉड और लाठियों से हमला किया. इसमें से चार घायल हो गए. व्यवसायी यशपाल सिंह कथित तौर पर शिमला के पास कसुम्पटी विधानसभा के मल्याणा के रहने वाले हैं. §֍:बाहरी लोगों को आश्रय देने का आरोप§ֆ:गुलनवाज (32), सारिक (20), सैफ अली (23), रोहित (23), रिहान (17) और समीर (17) और रिहान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. ये आरोपी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं. वहीं, रिहान देहरादून का रहने वाला है. दक्षिणपंथी संगठन मस्जिद को गिराने की मांग को लेकर विधानसभा के पास स्थित चौरा मैदान में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. हिंदू जागरण मंच की हिमाचल इकाई के अध्यक्ष कमल गौतम ने दावा किया है कि मस्जिद का इस्तेमाल ‘बाहरी लोगों’ को आश्रय देने के लिए किया जा रहा है. सितंबर की शुरुआत में यशपाल सिंह, कसुम्पटी विधानसभा सीट के कांग्रेस पार्षदों, भाजपा कार्यकर्ताओं और संजौली के स्थानीय लोगों के साथ मस्जिद के बाहर एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन शुरू किया. उन्होंने दावा किया मस्जिद की चार मंजिलें अवैध रूप से बनायी गई हैं. §֍:2010 में दर्ज हुआ था मुकदमा§ֆ:मस्जिद को लेकर मौलवी शहजाद इमाम ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि संरचना 1947 की है. इसका विस्तारित निर्माण 2007 के बाद हुआ. मस्जिद को अवैध बताते हुए 2010 में इसके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था. पिछले 14 वर्षों में मस्जिद में चार नई मंजिलें जोड़ी दी गईं. मामले में सुनवाई की अगली तारीख 5 अक्टूबर तय की है.§֍:मस्जिद हमारी जमीन पर बनी है – वक्फ बोर्ड§ֆ:हिमाचल प्रदेश वक्फ बोर्ड ने अदालत में कहा है कि जिस जमीन पर मस्जिद है. हालांकि, वक्फ बोर्ड अपने दावों को साबित करने के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहा है. कोर्ट ने वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी से पूछा है कि एक मंजिला मस्जिद पांच मंजिला कैसे बन गई. स्थानीय लोगों की ओर से पेश हुए वकील जगत पाल ने कहा कि उन्हें इस मुद्दे में शामिल होने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि यह पिछले 14 वर्षों से नगरपालिका आयुक्त की अदालत में लंबित है.§शिमला में मस्जिद के कारण दो समुदायों के बीच विवाद शुरु हो गया. इसमें मस्जिद को ध्वस्त करने की मांग को लेकर हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने बुधवार को शिमला के संजौली इलाके में करीब 5:30 घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया. उनका कहना है कि यह ‘अवैध निर्माण’ है. प्रदर्शनकारियों ने ‘हिमाचल ने ठाना है, देवभूमि को बचाना है’ और ‘भारत माता की जय’ जैसे नारे लगाए. भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस की ओर से लाठीचार्ज भी हुआ.

