֍:इन देशों से दालों का व्यापार फायदेमंद§ֆ:मंत्रालय ने कहा कि ब्राजील और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ दालों का व्यापार विशेष रूप से फायदेमंद रहा है क्योंकि भारत के मुकाबले फसल के मौसम में अंतर होने से इन देशों को अपनी फसल पैटर्न की योजना बनाने की सुविधा मिलती है. वहीं, भारत में कम चना उत्पादन के बाद मई 2024 में चने के आयात शुल्क मुक्त की अधिसूचना जारी होने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने बुवाई के क्षेत्र में भारी वृद्धि की, क्योंकि मई-जून में वहां चने की बुवाई का मौसम होता है.
§֍:दालों के रकबे में 7.4 फीसदी की वृद्धि§ֆ:बता दें कि पहले के अनुमानों के अनुसार, भारत में खरीफ दालों का उत्पादन 69.54 लाख टन होने का अनुमान है, जो पिछले साल के 69.74 लाख टन से थोड़ा कम है, जबकि रकबे में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. यह मुख्य रूप से उड़द उत्पादन में 25 प्रतिशत की गिरावट के कारण है, जो प्रमुख उत्पादक राज्यों में बेमौसम बारिश से प्रभावित हुआ है. वहीं, भारत मुख्य रूप से म्यांमार से उड़द का आयात करता रहा है.
§भारत में दलहन का इंपोर्ट दूसरे देशों से अधिक मात्रा में किया जाता है. वहीं, भारत सरकार ने कहा कि इस साल अक्टूबर के अंत तक ब्राजील से उड़द के आयात में 5 गुणा बढ़ोतरी है. यानी कुल उड़द का आयात 22,000 टन हो गया है, जबकि पिछले वर्ष 2023 के दौरान यह आंकड़ा 4,102 टन था. उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने कहा कि हाल के वर्षों में ब्राजील उड़द के सप्लायर के रूप में उभरा है. साथ ही ब्राजील में भारत के उड़द और तुअर आयात का प्रमुख सप्लायर बनने की क्षमता है.

