֍:सीएम सैनी ने कही ये बात§ֆ:मुख्यमंत्री सैनी रविवार को चंडीगढ़ में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ डीएपी खाद की उपलब्धता की समीक्षा कर रहे थे. उन्होंने एक बयान में कहा, “राज्य में डीएपी की कोई कमी नहीं है और घबराकर खरीदारी करने की कोई जरूरत नहीं है.” प्रवक्ता ने बताया कि रविवार को राज्य में डीएपी की उपलब्धता 24,000 मीट्रिक टन है और किसानों को रोजाना खाद उपलब्ध कराने के लिए रेक प्लानिंग कर ली गई है.§֍:राज्य सरकार द्वारा कही गई ये बात§ֆ:डीएपी के बारे में राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा, “राज्य सरकार के प्रयासों की वजह से केंद्र ने नवंबर महीने के लिए 1,10,000 मीट्रिक टन डीएपी खाद आवंटित किया है, जिसमें से 41,600 मीट्रिक टन नवंबर के पहले सप्ताह के लिए और 40,000 मीट्रिक टन दूसरे सप्ताह में देने के लिए योजना बनाई गई है. महीने के तीसरे सप्ताह में इसे घटाकर 20,000 मीट्रिक टन कर दिया जाएगा.” हिसार, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, झज्जर, सोनीपत और रोहतक को 4 नवंबर, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल, हिसार, सिरसा और जींद को 5 नवंबर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और यमुनानगर को 6 नवंबर तथा पलवल, नूंह, फरीदाबाद और गुरुग्राम को 7 नवंबर को रेक मिलेंगे.§֍:§हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को राज्य में DAR की कमी को लेकर किसानों से बात की है. उन्होंने इस दौरान किसानों से कहा कि उन्हें DAP की कोई कमी नहीं है और किसानों को घबराकर खरीदारी नहीं करनी चाहिए. सैनी की यह टिप्पणी विपक्षी कांग्रेस नेताओं की ओर से आरोप लगाए जाने के कुछ दिनों बाद आई है कि हरियाणा के कुछ जिलों में किसान डीएपी (डायमोनियम फॉस्फेट) खाद की कमी से जूझ रहे हैं. रविवार को राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र ने नवंबर के लिए 1.10 लाख मीट्रिक टन (एमटी) डीएपी खाद आवंटित किया है.

