֍:जानें कीमतों का ब्योरा§ֆ:कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की एक शाखा, एगमार्कनेट पोर्टल के अनुसार, इस महीने के पहले तीन दिनों में नाइजर, उड़द, बाजरा, सोयाबीन, मूंगफली, मूंग, रागी और सूरजमुखी की औसत मंडी कीमतें उनके एमएसपी से 8-25 प्रतिशत कम थीं. दूसरी ओर, धान और कपास की कीमतें लगभग बराबर (एमएसपी से +0.5 प्रतिशत) पर थीं. जबकि मक्का (2 प्रतिशत), ज्वार (4.8 प्रतिशत), तुअर (33.5 प्रतिशत) और तिल (40 प्रतिशत) की मंडी कीमतें एमएसपी से ऊपर दर्ज की गईं.§֍:फसलों की कीमतें§ֆ:बाजरा का उत्पादन उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे अन्य राज्यों में भी होता है. लेकिन 2023-24 में भारत के कुल 9.7 मिलियन टन (एमटी) उत्पादन में अकेले राजस्थान की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत से अधिक है. आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि 1-3 अक्टूबर के दौरान नाइजर (एमएसपी से 8.2 प्रतिशत नीचे) के मामले में अखिल भारतीय औसत मूल्य 8,000 रुपये प्रित क्विंटल था. वहीं, उड़द का रेट 6,780 रुपये (-8.4 प्रतिशत), बाजरा का रेट 2,389 रुपये (-9 प्रतिशत), मूंग का रेट 7,041 रुपये (-18.9 प्रतिशत) और रागी का रेट 3,439 रुपये (-19.8 प्रतिशत) रहा, जोकि एमसपी से काफी कम है.§֍:सूरजमुखी के दामों में गिरावट§ֆ:इस महीने सोयाबीन 4,268 रुपये क्विंटल (-12.8 प्रतिशत), मूंगफली 5,817 रुपये क्विंटल (-14.2 प्रतिशत) और सूरजमुखी की कीमतें 5,496 रुपये क्विंटल (-24.5 प्रतिशत) थीं. 12 सितंबर को सोयाबीन का अखिल भारतीय औसत मंडी मूल्य 4,521 रुपये क्विंटल, मूंगफली का 5,885 रुपये क्विंटल और सूरजमुखी का 4,874 रुपये क्विंटल था. सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के कार्यकारी निदेशक डी एन पाठक ने कहा कि आयात शुल्क में वृद्धि समय पर की गई और इससे काफी मदद मिली है.§भारत में फसलों की कीमतों के लिए एमएसपी रखी गई है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े. लेकिन 8 फसलों की बिक्री इस बार एमएसपी के दामों से भी कम दामों में हुई है.

