֍:कितनी मिलेगी सब्सिडी?§ֆ:किसानों को अरहर की खेती के लिए बीज पर सरकार की ओर से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी. इसमें एक किसान को ज्यादा से ज्यादा दो एकड़ में अरहर की खेती के लिए 16 किलो बीज अनुदानित दर पर मिलेगा. बता दें कि अरहर के बीज का दाम मार्केट में 160 रुपये किलो है. इसमें किसान को प्रति किलो 128 रुपये सब्सिडी मिलेगी. इसका मतलब है कि किसानों को प्रति किलो 32 रुपये की दर से कृषि विभाग के बीज निगम के माध्यम से बीज उपलब्ध कराया जाएगा. §֍:इन जिलों को मिलेगा लाभ§ֆ:अरसर के लिए बिहार सरकार का प्रोत्साहन अभी केवल 11 जिलों के लिए जारी किया है. इस मुहिम के सफल होने पर जिलों के बढ़न की भी संभावना है. सरकार का इस स्कीम को लेकर कहना है कि ये योजना दक्षिण बिहार के कम बारिश वाले इलाकों के लिए है. ऐसे में किसानों को अरहर की फसल के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. अरहर प्रोत्साहन योजना में गया, जहानाबाद अरवल, नवादा, औरंगाबाद, मुंगेर, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, बांका और नालंदा शामिल हैं. इन निर्धारित किए गए जिलों में सरकार की ओर से 10 हजार क्विंटल अरहर बीज मिलेंगे. इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्ट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा.§֍:किस जिले को कितना बीज?§ֆ:अरहर प्रोत्साहन योजना के तहत मुंगेर जिले के किसानों को 500 क्विंटल, गया 1500 क्विंटल, शेखपुरा 800 क्विंटल, जहानाबाद 800 क्विंटल, लखीसराय 500 क्विंटल, अरवल को 400 क्विंटल, जमुई 900 क्विंटल, नवादा 1500 क्विंटल, बांका 900 क्विंटल और औरंगाबाद 1300 क्विंटल. वहीं, नालंदा जिले को 900 क्विंटल बीज मिलेगा.§֍:ऐसे करें आवेदन§ֆ:इस स्कीम का लाभ लेने के लिए किसानों को राज्य सरकार के हॉर्टीकल्चर वेबसाइट पर जाना होगा. जिसके बाद होम पर ही योजना का विकल्प मिलेगा. इस पर क्लिक करें. अब आपके सामने रजिस्ट्रेशन फटर्म खुलकर आ जाएगा. इसके बाद सभी मांगी गई डिटेल को भरें. §खरीफ मौसम में उगाई जाने वाली सबसे बढ़िया दलहनी फसल होती है. भारत में दालों की फसल कई किसान कर रहे हैं. ऐसे में बिहार सरकार ने अरहर की दाल पर किसानों को 80 फीसदी तक की सब्सिडी देने का ऐलान किया है. कृषि विभाग ने खरीफ मौसम में अरहर प्रोत्साहन योजना बनाई है. यह 12 करोड़ 80 लाख की योजना है, जिसमें में राज्य के 11 जिलों में खरीफ में अरहर की खेती कराई जाएगी. इसके लिए सरकार अरहर की खेती के लिए बीज खरीदने पर सब्सिडी दे रही है.

