֍:क्या हैं तूर के मंडी भाव?§ֆ:भारतीय दलहन एवं अनाज संघ (IPGA) द्वारा मंडी भाव की रिपोर्ट जारी की गई है. इसमें आज यानि 1 फरवरी 2025 के भाव की बात करें तो, महाराष्ट्र की लातूर मंडी में देसी तूर के न्यूनतम और अधिकतम दाम 7000-7450 रुपये प्रति क्विंटल तक हैं. वहीं, उदगीर मंडी में 6800-7200, दूढांडी मंडी में 6500-7500, अकोला मंडी में 6800-7400, खामगांव मंडी में 6400-7300, अमरावती मंडी में 6800-7600, वाशिम मंडी में 6500-7200 और हिंगनघाट मंडी में 6650-7660 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव चल रहे हैं.§֍:§ֆ:इसी के साथ कर्नाटक की गुलबारा मंडी में लाल तूर के भाव 5719-8016, यादगीर मंडी में 6689-7729, बीदार मंडी में 6000-7855, बादलकोट में 5700-6885 और गड़ग मंडी में 5000-5679 तक भाव चल रहे हैं. वहीं, गुजरात की राजकोट मंडी में देसी तूर के 7000-7500, जूनागढ़ मंडी में 7250-7675, वीरावल मंडी में 6300-7350 तक भाव पहुंच गए हैं. मध्य प्रदेश की पीपरिया मंडी में देसी तूर के भाव 6000-7300 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं.§֍:क्या हैं उरद के मंडी भाव?§ֆ:कर्नाटक की बीदर मंडी में देसी उरद 5000-7129, महाराष्ट्र की उदगीर मंडी में 6000-8100, उत्तर प्रदेश की गनगोह मंडी में 7500-7600, चंदौसी में 7400-7450, राजस्थान की कोटा मंडी में 6000-6850, गुजरात की राजकोट मंडी में 6000-7800, जूनागढ़ में 7000-7675, वीरावल में 5880-8400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेची जा रही है.§֍:क्या हैं मसूर के मंडी भाव?§ֆ:दिल्ली की मंडी में मध्य प्रदेश की मसूर 6375 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है. वहीं, बरेली में मोटी मसूर 6400, छोटी मसूर 6900 तक बिक रही है. बहचाइच में छोटी मसूर 7000-7050, बहराइच में देसी मसूर 5900 और कानपुर में 6400 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है. वहीं, कनाडा की इंपोर्टेड मसूर दिल्ली में 6000, मुंबई में 6000, मुंदरा पोर्ट पर 5775, हजिरा पोर्ट पर 5800 और कांदला पोर्ट पर 5700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रही है.§बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निरमला सीतारमण ने कृषि पर विशेष ध्यान दिया. उन्होंने 2025-26 के बजट में कृषि क्षेत्र से जुड़े कई नए कार्यों का ऐलान किया. इसमें असम में बनने वाला यूरिया प्लांट, पीएम धन धान्य योजना, बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना के साथ दलहनी फसलों में किसानों को आत्मनिर्भर बनाना शामिल है. ऐसे में किसानों को प्रोत्साहन के साथ कई गुना लाभ की प्लानिंग सरकार द्वारा देखी जा सकती है. दलहनी फसलों में केंद्रीय वित्त मंत्री ने विशेष तौर पर तूर, उरद और मूंग की बात की.

