֍:बाघ के लिए जंगल में लगे पिंजरे§ֆ:27 अगस्त को लखीमपुर खीरी के एक गांव में किसान की मृत्यु करने वाले खूंखार बाघ को पिंजरे के कैमरे में आज कैद किया गया है. यह आज सुबह 5 बजे हुआ जब बाघ पिंजरे के सामने से गुजर रहा था. बता दें कि बाघ को पकड़ने के लिए कई पिंजरे लगाए गए हैं, लेकिन वह कैद में नहीं आया है. वन प्रभाग के डीएफओ सैन्य बिस्वाल ने बताया कि हमारे इमलिया गांव से तीन-चार दिनों से एक बाघ हमेशा तीन-चार कैमरे में आ रहा है. वह इमलिया गांव से हट गया है. वह चार-पांच किलोमीटर की रेंज में देखा गया है.§֍:27 अगस्त को लखीमपुर खीरी के एक गांव में किसान की मृत्यु करने वाले खूंखार बाघ को पिंजरे के कैमरे में आज कैद किया गया है. यह आज सुबह 5 बजे हुआ जब बाघ पिंजरे के सामने से गुजर रहा था. बता दें कि बाघ को पकड़ने के लिए कई पिंजरे लगाए गए हैं, लेकिन वह कैद में नहीं आया है. वन प्रभाग के डीएफओ सैन्य बिस्वाल ने बताया कि हमारे इमलिया गांव से तीन-चार दिनों से एक बाघ हमेशा तीन-चार कैमरे में आ रहा है. वह इमलिया गांव से हट गया है. वह चार-पांच किलोमीटर की रेंज में देखा गया है.§ֆ:अधिकारियों के अनुसार जंगल में 24 कैमरे और पिंजरे बाघ के लिए लगाए गए हैं. इतना ही नहीं इस खूंखार बाघ के लिए ड्रोन से निगरानी भी की जा रही है. बाघ को वहां स्पॉिट किया गया है, जहां वह हमेशा आता जाता रहता है. इसीलिए बाघ द्वारा हमला किए गए गावों के आसपास भी पिंजरे और कैमरे लगाए गए हैं. साथ ही इन जगाहों पर ड्रोन से निगरानी जारी है.§उत्तर प्रदेश में किछ दिनों से जंगली जानवरों के हमले बढ़ते जा रहे हैं. इसको लेकर ग्रामीण लोग काफी डरे हुए हैं. वन विभाग की ओर से ऐसे जानवरों को पिंजरे में कैद करने की कोशिश जारी है, लेकिन अभी तक कुछ खास अपडेट नहीं मिली है. अभी तक भेड़िए और हाथी को लेकर लोग परेशान थे, लेकिन अब इस खूंखार बाघ को लेकर लखीमपुर के स्थानीय लोगों में डर का माहौल है. हालांकि, जंगली जानवरों को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम काम कर रही है. बता दें कि यो बाघ एक किसान की जान भी ले चुके है.

