֍:§ֆ:शेष चयनित किसानों को ये बीज किट 3 जून को संबंधित गांवों के किसान मंचों पर वितरित की जाएंगी। बीज वितरण की प्रक्रिया स्थानीय अधिकारियों और कृषि विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारियों की निगरानी में की जाएगी।§֍:बीज वितरण योजना के मुख्य बिंदु:§ֆ:• योजना के अंतर्गत 11,000 गांवों के लगभग 40,000 प्रगतिशील किसानों को बीज किट वितरित की जाएंगी।
• तेलंगाना राज्य 92% बीज प्रतिस्थापन दर के साथ देश में पहले स्थान पर है।
• विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से लगभग 10,250 क्विंटल बीज तैयार किए गए हैं।
• बीज किट 6 से 10 किलोग्राम की पैकिंग में तैयार की गई हैं।
§ֆ:अधिकारियों का कहना है कि यदि किसान इन उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का उपयोग करें और आने वाले सीजन की उपज से अपने गांव के अन्य किसानों को बीज प्रदान करें, तो अगले 2–3 वर्षों में बीज आत्मनिर्भरता प्राप्त की जा सकती है। इससे किसानों को हर वर्ष महंगे बीज खरीदने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।§ֆ:गौरतलब है कि पिछले रबी सीजन में, विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की निगरानी में विभिन्न अनुसंधान केंद्रों पर बीजों का उत्पादन कर उन्हें साफ कर पैक किया गया था। अब ये बीज खरीफ (वनकालम) सीजन के लिए किसानों को वितरित किए जा रहे हैं।§ֆ:किसानों को बीजों के साथ उचित फसल प्रबंधन उपायों को अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि बीज उत्पादन की गुणवत्ता बनी रहे और गांव स्तर पर बीज वितरण की श्रृंखला को मजबूत किया जा सके।§
तेलंगाना राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना राज्य कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विभाग के सहयोग से एक अभिनव कार्यक्रम “प्रत्येक गांव तक कृषि विश्वविद्यालय से गुणवत्ता युक्त बीज वितरण” शुरू करने जा रहा है।इस योजना के अंतर्गत विभिन्न जिलों में आयोजित राज्य स्थापना दिवस समारोह के दौरान, मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और कृषि विभाग एवं कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारी मिलकर पांच प्रमुख फसलों — धान, अरहर, मूंग, उड़द और ज्वार — के गुणवत्ता युक्त बीज किट चयनित प्रगतिशील किसानों को प्रदान करेंगे।

