֍:कृषि मंत्री ने कही ये बात§ֆ:केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए कोशिश करेंगे कि क्षमता निर्माण हमारी प्राथमिकताओं में से एक बना रहे. हमें विश्वास है कि शिक्षा, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और समावेशी विकास वे आधारशिलाएं हैं, जिन पर हम एशिया और अफ्रीका की ग्रामीण आबादी के लिए एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं. उन्हों ने कहा कि भारत विश्व बंधुत्व में विश्वास करने वाला देश है और हम सभी प्राणियों में सद्भाव और विश्व कल्याण की भावना रखते हैं. चौहान ने धन्यवाद देते हुए कहा कि AARDO ग्रामीण क्षेत्रों में आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए सामूहिक समर्पण को दर्शाता है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कार्यकारी समिति की बैठक का 77वां सत्र निश्चित रूप से आगामी मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के लिए आधार बनेगा, जब AARDO अपने विविध कार्यक्रमों का विश्लेषण करेगा और एक और महत्वाकांक्षी त्रिवर्षीय अवधि 2025-2027 पर विचार करेगा, जिसमें AARDO के कार्यनीतिक ढांचे का व्यापक मध्यावधि मूल्यांकन और समीक्षा शामिल होगी.§֍:नहीं छोड़ी जाएगी कोई कसर§ֆ:उन्होंने AARDO सदस्य देशों के कृषि क्षेत्र की जटिल चुनौतियों को समझते हुए आश्वस्त किया कि भारत कोई भी कसर नहीं छोड़ेगा और अपनी सफल योजनाएं, मॉडल और तकनीकी समाधान साझा करता रहेगा, ताकि AARDO सदस्य देशों में खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसान सशक्त बन सकें. भारत सरकार ने अभी हाल में सचिवालय भवन के नवीनीकरण के लिए 4,77,12,700 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीसकृत किया है.§ֆ:केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं AARDO के सभी सदस्य देशों को उनके निरंतर सहयोग और सहभागिता के लिए हार्दिक धन्यवाद देना चाहता हूं. भारत और AARDO के बीच साझेदारी हमारे क्षेत्र में ग्रामीण विकास को नई दिशा देने में सफल हुई है. कृषि उत्पादकता बढ़ाने की पहल से लेकर ग्रामीण आय में वृद्धि करने की योजनाओं तक, ये दोनों संस्थाएं जमीनी स्तर पर परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.§केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एंव किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को अफ्रीकी-एशियाई ग्रामीण विकास संगठन (AARDO) की कार्यकारी समिति के 77वें सत्र के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि भारत की ओर से AARDO सदस्यन देशों को तकनीकी सहायता वर्ष 2025-27 के दौरान भी जारी रहेगी. साथ ही वर्ष 2025-27 के दौरान यह सहायता प्रतिवर्ष 50 हज़ार अमेरिकी डॉलर की बढ़ोतरी के साथ अब 2,50,000 ( ढाई लाख) अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष होगी. “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना से प्रेरित होकर, भारत AARDO के बहुपक्षीय मंच के माध्यम से ज्ञान, तकनीकी विशेषज्ञता, सफल नीतियों और कार्यक्रमों का आदान-प्रदान जारी रखेगा, ताकि अन्य AARDO सदस्य देशों में ग्रामीण परिवर्तन को बढ़ावा दिया जा सके.

