तमिलनाडु में मृदा स्वास्थ्य और उर्वरता योजना (Soil Health & Fertility Scheme) के अंतर्गत वर्ष 2015 से अब तक 1.52 करोड़ (152.51 लाख) से अधिक किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card – SHC) जारी किए जा चुके हैं। इन कार्ड्स के माध्यम से किसानों को उनकी भूमि की उर्वरता और पोषक तत्वों की स्थिति की सटीक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे वैज्ञानिक ढंग से उर्वरकों का उपयोग कर सकें और फसल उत्पादन में वृद्धि कर सकें।
सभी वर्ग के किसानों को समय पर लाभ
राज्य सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह कार्ड छोटे, सीमांत और अन्य सभी श्रेणी के किसानों को नागरिक चार्टर के अनुसार समय पर वितरित किए जा रहे हैं। इसके लिए कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (ATMA) के अधिकारियों, कृषि सखियों, और मोबाइल सॉयल टेस्टिंग लैब वैन (MSTL) की मदद ली जा रही है।
गाँव-गाँव चल रही है जागरूकता और परीक्षण की मुहिम
प्रत्येक गाँव में ATMA अधिकारी किसानों को SHC से जुड़ी जानकारी देने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते हैं। MSTL वैन गांवों में जाकर मृदा नमूने एकत्र, तुरंत परीक्षण, और मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण के साथ-साथ सलाह भी देती हैं। इसके अलावा, प्रत्येक ब्लॉक में ग्राम स्तरीय कृषि विकास समूह (Village Level Agricultural Development Group) द्वारा पूर्व खरीफ और पूर्व रबी मौसम में किसानों को मृदा सुधार संबंधी सलाह दी जाती है।
क्षेत्रीय चुनौतियों पर विशेष ध्यान
राज्य सरकार ने बताया कि योजना के क्रियान्वयन में कोई बड़ी क्षेत्रीय समस्या नहीं देखी गई है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में समस्या युक्त मृदा (problematic soils) की पहचान की गई है और उनके सुधार के लिए विशेष सलाहें दी गई हैं।
उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए NABL मान्यता
तमिलनाडु सरकार ने मृदा परीक्षण की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए अपने 36 स्थैतिक प्रयोगशालाओं (Static Labs) को राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशालाओं की प्रत्यायन बोर्ड (NABL) से मान्यता दिलाई है। इसके अलावा, इन प्रयोगशालाओं को एटॉमिक एब्जॉर्प्शन स्पेक्ट्रोमीटर (AAS) और इंडक्टिवली कपल्ड प्लाज़्मा स्पेक्ट्रोफोटोमीटर (ICP) जैसे आधुनिक उपकरणों से भी लैस किया गया है।
पूरी प्रणाली का डिजिटल एकीकरण
मृदा परीक्षण रिपोर्ट को SHC पोर्टल पर डिजिटल रूप से अपलोड किया जा रहा है, जिससे मृदा स्वास्थ्य कार्ड ऑनलाइन स्वचालित प्रणाली से तैयार हो सके। इस पूरी प्रक्रिया से किसानों को तेज़, सटीक और पारदर्शी सेवाएं मिल रही हैं।
तमिलनाडु सरकार द्वारा मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। यह पहल न केवल किसानों की उत्पादन लागत को कम कर रही है, बल्कि स्थायी कृषि और उपज बढ़ाने की दिशा में एक सशक्त कदम है। डिजिटल प्रौद्योगिकी और प्रयोगशाला गुणवत्ता सुधार के साथ, यह योजना किसानों के लिए वास्तविक लाभदायक सिद्ध हो रही है।

