֍:युवाओं के लिए बेहतरीन पहल §ֆ:इन्कल्केटिंग रूरल इंडिया स्किल एन्हांसमेंट (आई राइज) कार्यक्रम की लॉन्चिंग के अवसर पर, कृषि मंत्रालय के डीएमआई निदेशक डॉ. सहदेव सिंह, कृषि विस्तार निदेशक डॉ. शैलेश मिश्रा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक डॉ. आरसी अग्रवाल, पीएयू के डॉ. टीएस रियार, मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. इंद्र मणि, सिंजेन्टा फाउंडेशन इंडिया के कंट्री डायरेक्टर श्री राजेंद्र जोग और आई-राइज पायलट प्रशिक्षु उपस्थित थे।
§֍:ग्रामीण विकास को मिलेगा बढ़ावा §ֆ:आठ सतत विकास लक्ष्यों को ध्यान में रख कर तैयार ‘आई-राइज का विवरण देते हुए श्री रो ने कहा, यह पहल भारत में ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देगी। इस कार्यक्रम का फोकस कृषि के क्षेत्र में ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण और जुड़ाव प्रदान करना है। इसका उद्देश्य गांवों से युवाओं के पलायन को रोकना और कृषि क्षेत्र में कुशल कर्मियों की घटती संख्या की चुनौती का समाधान करना है।’
§֍:35 वर्ष से कम आयु के युवाओं के लिए व्यापक प्रशिक्षण §ֆ:‘आई राइज’ के तहत, 35 वर्ष से कम आयु के ग्रामीण युवाओं, जिन्होंने कम-से-कम कक्षा 10 तक की शिक्षा प्राप्त की है और कृषि का अनुभव रखते हैं, को 30 दिनों की कक्षा में व्यापक प्रशिक्षण के बाद दो महीने की इंटर्नशिप दी जाती है। इसके बाद, वे उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं या कृषि आपूर्ति शृंखला, माइक्रो-बिजनेस या खेती के कार्यों में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। यह कार्यक्रम ‘थ्री-ई’ (3ES) दृष्टिकोण पर आधारित है: प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के माध्यम से कृषि में युवाओं को शिक्षित करना; उन्हें रोजगार और उद्यमिता के अवसरों के माध्यम से जोड़ना; और उनकी आजीविका आय में वृद्धि करना।
§सिंजेंटा के ग्लोबल सीईओ जेफ रो ने भारत में कृषि के क्षेत्र में हो रही उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत की प्रगतिशील नीतियों, नवाचार और तकनीक के उपयोग से देश एक वैश्विक कृषि शक्ति बनने की राह पर अग्रसर है। उन्होंने ये बातें सोमवार को नई दिल्ली में सिंजेंटा इंडिया की महत्वाकांक्षी पहल ‘आई राइज’ (I RISE) की शुरुआत करते हुए कही। इस पहल का उद्देश्य एक लाख से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित करना है।

