֍:पराली प्रबंधन पर मिलेगी सब्सिडी§ֆ:किसानों को पराली प्रबंधन को लेकर प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने घोषणा की है कि धान की पराली को बांधने के लिए स्ट्रॉ बेलर का उपयोग करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 1,000 रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. साथ ही जिन गांवों में पराली जलाने के सर्वाधिक मामले सामने आते हैं उन गांवों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा. अगर इन गांवों में पराली जलाने की घटनाएं नहीं होती है तो इन गांवों के लोगों को एक लाख से 50 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. वहीं, कहा गया कि जो किसान धान के अवशेषों को जलाए बिना मिट्टी में मिला देंगे उन्हें प्रति एकड़ 1000 रुपये मिलेंगे. §֍:इतने किसानों को मिला परमिट§ֆ:कृषि विभाग की ओर से किसानों को पराली प्रबंधन के लिए आवश्यक मशीनों की खरीद के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी. इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा. योजना के तहत फसल अवशेष प्रबंधन के लिए चार प्रकार की मशीन उपलब्ध है. इनमें सुपर सीडर, स्लेशर, हे रेक और बेलर मशीन शामिल है. इस वर्ष सब्सिडी के लिए आवेदन करने वाले 1,694 किसानों में से 1,640 को परमिट जारी किए गए, जबकि 914 किसानों ने पहले ही सब्सिडी के लिए अपने बिल अपलोड कर दिए हैं.§खरीफ फसलों की कटाई जारी है और रबी फसलों की बुवाई होने वाली है. इसी बीच देश के कई राज्यों से पराली को लेकर समस्या सामने आ रही है. इसके चलते पराली जलाने से रोकने के लिए सरकार और विभाग की तरफ से भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. इसके साथ ही कई किसान भी आगे आ रहे हैं. करनाल जिले के 1694 किसान इसके लिए आगे आए हैं और उन्होंने पराली प्रबंधन में अपनी भागीदारी निभाने के लिए आवेदन दिया है.

