֍:भाजपा पर लगाया आरोप§ֆ:अखिलेश ने आगे आरोप लगाया कि अर्थव्यवस्था और राजनीति दोनों के प्रति भाजपा का दृष्टिकोण बिचौलियों के इर्द-गिर्द केंद्रित है. बीजेपी बड़े पैमाने पर किसानों की जमीन और कारोबार को कॉरपोरेट को सौंपना चाहती है, ताकि वे उनसे भारी भरकम चंदा वसूल सकें. निरस्त हो चुके कृषि कानूनों का हवाला देते हुए यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार द्वारा लाए गए काले कानून उनके बुरे इरादों का सबूत हैं.§֍:अखिलेश ने आगे आरोप लगाया कि अर्थव्यवस्था और राजनीति दोनों के प्रति भाजपा का दृष्टिकोण बिचौलियों के इर्द-गिर्द केंद्रित है. बीजेपी बड़े पैमाने पर किसानों की जमीन और कारोबार को कॉरपोरेट को सौंपना चाहती है, ताकि वे उनसे भारी भरकम चंदा वसूल सकें. निरस्त हो चुके कृषि कानूनों का हवाला देते हुए यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार द्वारा लाए गए काले कानून उनके बुरे इरादों का सबूत हैं.§ֆ:अखिलेश ने आगे आरोप लगाया कि अर्थव्यवस्था और राजनीति दोनों के प्रति भाजपा का दृष्टिकोण बिचौलियों के इर्द-गिर्द केंद्रित है. बीजेपी बड़े पैमाने पर किसानों की जमीन और कारोबार को कॉरपोरेट को सौंपना चाहती है, ताकि वे उनसे भारी भरकम चंदा वसूल सकें. निरस्त हो चुके कृषि कानूनों का हवाला देते हुए यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार द्वारा लाए गए काले कानून उनके बुरे इरादों का सबूत हैं.§֍:एक्स पर किया पोस्ट§ֆ:सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सपा प्रमुख ने कहा कि गायों के लिए यूपी की ‘मुख्यमंत्री सहभागिता योजना’ वास्तव में भ्रष्टाचार-सहयोगिता योजना बन गई है. गौशालाओं में न तो पशुओं को पर्याप्त चारा दिया जा रहा है, न ही दवा और इलाज की कोई व्यवस्था है और न ही उनके शवों के निपटान की. आवारा पशुओं की समस्या को रोकने के लिए शुरू किए गए ऐसे पशु आश्रय स्थल सिर्फ “सरकारी धन की लूट का केंद्र” बन गए हैं. §समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार यानि आज प्रदेश के टमाटर किसानों को लेकर सरकार पर हमला किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर लिखा कि यूपी में टमाटर किसान अपनी मूल लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं. यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार और किसानों की कितनी अनदेखी करती है. भाजपा की दिलचस्पी उत्पादन बढ़ाने में नहीं, बल्कि माल की खरीद-फरोख्त को बढ़ावा देने में है, ताकि वे बिचौलिए के रूप में कमाई कर सकें.

