रत्नागिरी: कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), रत्नागिरी में मृदा परीक्षण शिविर एवं आधुनिक कृषि तकनीक ‘अर्जुन ड्रोन’ का प्रत्यक्ष प्रदर्शन सफलतापूर्वक और उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य की जानकारी देना और उन्नत कृषि तकनीकों से प्रत्यक्ष रूप में परिचित कराना था।
कार्यक्रम में KVK रत्नागिरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख ए. ए. हनमंते, कृषि तज्ज्ञ डॉ. महेश महाले, कीटशास्त्रज्ञ डॉ. जितेंद्र दुबाळे, उद्यान तज्ज्ञ मनोज वामकर, तथा वरिष्ठ संशोधन सहायक फिलीप गावित उपस्थित रहे।
उनके साथ कृषि विभाग के बोर्ड अधिकारी गौरव और अनिल मोरे भी उपस्थित थे। इन विशेषज्ञों ने किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियों से खेती करने के महत्व पर मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम में अनेक प्रगतिशील किसानों जैसे हरिश्चंद्र देसाई – फणस उत्पादक किसानों), श्री अल्ताफ काझी (आंबा उत्पादक) और श्री राजेश कांबळे (रिलायन्स फाउंडेशन प्रतिनिधि) ने सहभाग लिया। साथ ही काजू, आंबा और भात धान उत्पादक प्रगतिशील किसानों के समूह ने ‘अर्जुन ड्रोन’ के प्रदर्शन की विशेष रूप से प्रशंसा की।
सलाम किसान की ओर से सुमित मुंगले – मार्केटिंग मैनेजर, साहिल खेळकर -ड्रोन पायलट, उत्कर्ष शहारे -ड्रोन फ्रेंचायज़ी मैनेजर उपस्थित थे । टीम प्रतिनिधि ने ‘अर्जुन ड्रोन’ का प्रत्यक्ष प्रदर्शन आम के बागानों में किया। ड्रोन द्वारा कीटनाशक फवारणी और फसल निरीक्षण की तकनीक को किसानों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा और सराहा।
इस मौके पर मृदा परीक्षण शिविर के अंतर्गत किसानों की भूमि से लिए गए मृदा नमूनों की ऑन-स्पॉट जांच की गई, जिससे उन्हें उनकी मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी प्राप्त हुई। इसके आधार पर उन्हें उर्वरक प्रबंधन के सुझाव दिए गए।
उपस्थित सभी किसानों ने पूरे कार्यक्रम की सराहना की, और इसे एक अत्यंत लाभदायक व ज्ञानवर्धक उपक्रम बताया। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक प्रतिसादों के साथ हुआ, और आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे वैज्ञानिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया।

