֍:SKM कार्यकर्ता गिरफ्तार§ֆ:3-4 मार्च को पंजाब में 800 से ज्यादा एसकेएम कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया. इसमें कई बुजुर्ग किसान नेता भी शामिल थे. इस गिरफ्तारी और दमन का मकसद 5 मार्च से चंडीगढ़ में होने वाले एसकेएम के प्रदर्शन और सप्ताह भर के धरने को विफल करना था. एसकेएम का आरोप है कि पंजाब सरकार किसानों के जीवन और उनकी आजीविका को नुकसान पहुँचाने वाली कॉरपोरेट नीतियों के खिलाफ उनके विरोध का दमन कर रही है. पंजाब के किसानों ने 5 मार्च को राज्यभर में बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किए थे और भगवंत मान सरकार को गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को रिहा करने के लिए मजबूर किया.§֍:एमकेएम का संदेश§ֆ:एसकेएम ने आरोप लगाया है कि पंजाब सरकार कॉरपोरेट ताकतों के दबाव में है और किसानों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है. भारत और दुनिया भर का इतिहास बताता है कि पुलिस दमन के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और अधिक मजबूत संघर्षों को जन्म देते हैं. एसकेएम का मानना है कि अंततः अत्याचारी सरकारों को उखाड़ फेंका जाएगा, जैसे कि पंजाब और केंद्र सरकार का भी यही हश्र होगा.§ֆ:एसकेएम ने पंजाब के लोगों से आह्वान किया है कि वे पुलिस दमन के खिलाफ एकजुट हों और मुख्यमंत्री भगवंत मान को यह अनुमति न दें कि वे पंजाब को पुलिस राज्य में बदलने की कोशिश करें. 28 मार्च को पूरे पंजाब में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों के सामने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.§एसकेएम की राष्ट्रीय समन्वय समिति ने पंजाब में किसानों के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस दमन के खिलाफ 28 मार्च को भारत भर में विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है. यह प्रदर्शन पंजाब सरकार द्वारा किसानों पर की गई बर्बरता और दमन के खिलाफ होगा, क्योंकि पंजाब पुलिस ने राज्य सरकार के निर्देश पर 350 से अधिक किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें जगजीत सिंह दल्लेवाल और श्रवण सिंह पंधेर जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं. साथ ही खनौरी और शंभू सीमाओं पर ट्रैक्टर ट्रेलरों, ट्रॉलियों और अन्य उपकरणों को जबरन हटा दिया गया.

