शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कश्मीर (SKUAST-K) ने ‘HADP-20: नवाचारी विस्तार दृष्टिकोण’ कार्यक्रम के तहत सोमवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, चटलोरा, रफियाबाद, बारामुला के छात्रों के लिए एक शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया। इस एक दिवसीय कार्यक्रम में 100 ग्रामीण छात्रों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं, और सरकारी योजनाओं जैसे होलिस्टिक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम (HADP) एवं जम्मू-कश्मीर प्रतिस्पर्धात्मकता सुधार परियोजना (JKCIP) के बारे में जागरूक करना था।
भ्रमण की शुरुआत SKUAST-K के शालीमार परिसर से हुई, जहाँ छात्रों ने विश्वविद्यालय की अत्याधुनिक बायोटेक्नोलॉजी प्रयोगशालाओं का दौरा किया। यहां उन्होंने पौधों की जैव प्रौद्योगिकी में हो रहे नवीनतम अनुसंधानों को देखा और यह समझा कि किस प्रकार तकनीक कृषि उत्पादकता और फसल सुधार में क्रांतिकारी भूमिका निभा रही है। छात्रों को वरिष्ठ वैज्ञानिकों से सीधे संवाद करने और अग्रिम कृषि अनुसंधान की जानकारी प्राप्त करने का अवसर भी मिला।
इसके बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय के फलों के बागों का दौरा किया, जहाँ उन्हें आधुनिक बागवानी तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया। भ्रमण का अगला चरण SKUAST-K के पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन संकाय (FVSc), शुहामा में आयोजित हुआ।
यहां छात्रों को स्किल हब और सिमुलेशन लैब दिखाए गए, जहाँ उन्होंने पशु चिकित्सकों के प्रशिक्षण के लिए प्रयुक्त आधुनिक तकनीकों को देखा। इसके साथ ही छात्रों ने विश्वविद्यालय के भेड़ पालन फार्म का भी दौरा किया, जहाँ मॉडल पशुपालन तकनीकों और वैज्ञानिक पशु प्रबंधन की जानकारी दी गई। पशु चिकित्सा क्लीनिक का भ्रमण भी छात्रों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक रहा, जहाँ उन्होंने पशु स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार प्रक्रियाओं को करीब से देखा और समझा।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने यह रेखांकित किया कि कृषि अब केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि तकनीकी नवाचार, उद्यमिता और सरकारी योजनाओं के माध्यम से इसमें रोजगार की असीम संभावनाएं उभर रही हैं। HADP जैसी योजनाएं जम्मू-कश्मीर की कृषि व्यवस्था को आधुनिक बना रही हैं, जबकि JKCIP क्षेत्रीय कृषि में प्रतिस्पर्धात्मकता और जलवायु अनुकूलन को बढ़ावा देने में मदद कर रही है।
यह शैक्षणिक भ्रमण SKUAST-K की उस निरंतर पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को प्रेरित करना, उन्हें कृषि क्षेत्र से जोड़ना और भविष्य के कृषि पेशेवरों व नवाचारकर्ताओं को तैयार करना है। इस प्रयास के माध्यम से विश्वविद्यालय शैक्षणिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के बीच सेतु बनाकर, छात्रों को कृषि क्षेत्र में सार्थक और सफल करियर की ओर प्रेरित कर रहा है।
SKUAST-K का यह प्रयास न केवल जम्मू-कश्मीर के कृषि विकास और खाद्य सुरक्षा के लिए अहम है, बल्कि यह युवाओं को आत्मनिर्भरता और नवाचार की दिशा में भी मजबूत कर रहा है।

