֍:अमेरिका ने लगाई CVD§ֆ:अमेरिका में चुनाव के दौरान ही भारतीय झींगा पर काउंटरवेलिंग ड्यूटी लगाई गई. अमेरिका ने इक्वाडोर, इंडोनेशिया और वियतनाम पर एंटी डंपिंग डयूटी लगाई है. अब इसके चलते एक बार फिर इंटरनेशनल मार्केट में रेट को लेकर मारामारी शुरू हो जाएगी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के वाणिज्य विभाग (DOC) ने भारत से अमेरिका को एक्सपोर्ट होने वाले फ्रोजन झींगा पर दूसरे देशों के मुकाबले सबसे ज्यादा डयूटी लगाई है. हालांकि दूसरे देशों पर एंटी डंपिंग डयूटी लगाई है तो भारत पर सीवीडी लगाई है. रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने इक्वाडोर पर 3.75 फीसद एंटी डंपिंग डयूटी तो इंडोनेशिया पर 2.84 फीसद और वियतनाम पर 1.3 फीसद एंटी-डंपिंग डयूटी लगाई गई है. वहीं भारत पर 5.75 फीसद सीवीडी लगाई गई है. §֍:
300 करोड़ डॉलर का झींगा एक्सपोर्ट
§ֆ:एक न्यूज चैनल से बातचीत में झींगा एक्सपर्ट डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि अमेरिका को सबसे ज्यादा भारत और इक्वाडोर झींगा एक्सपोर्ट करते हैं. भारत से अमेरिका को 2.9 बिलियन डॉलर (300 करोड़ डॉलर) का झींगा एक्सपोर्ट होता है. बीते कुछ वक्त से अमेरिका में भारतीय झींगा के दाम भी कम हो गए हैं. साल 2021-22 में एक किलो भारतीय झींगा की कीमत 8.57 डॉलर थी, जो अब घटकर 7.4 डॉलर प्रति किलोग्राम रह गई है.§֍:§भारत में किसान काफी अधिक मात्रा में झींगा उत्पादन करते हैं. इस उत्पादन का 70-80 फीसदी एक्सपोर्ट हो जाता है. इसमें चीन और अमेरिका भारत से सबसे ज्यादा झींगा मंगाते हैं. इन दोनों देशों में झींगा उत्पादन किया जाता है, लेकिन यहां भारत का झींगा सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. वहीं, भारतीय एक्सपोर्ट की बात करें तो ये पिछले कुछ सालों से काफी कम हुआ है. हाल ही में अमेरिका ने भारतीय झींगा एक्सपोर्ट पर काउंटरवेलिंग ड्यूटी (CVD) लगाई है. इतना ही नहीं एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने के लिए साल 2023 से ताक में बैठा है.

