֍:मुद्दों पर विचार करने के लिए समिति का गठन§ֆ:सुप्रीम कोर्ट ने बॉर्डर पर बैठे आंदोलनकारी किसानों के मुद्दों पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन किया है. इसको लेकर कोर्ट ने कहा कि समिति के सदस्य प्रतिष्ठित व्यक्ति और क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं. मुद्दों की पहचान करना और उन्हें तैयार करना ज्यादा उपयुक्त होगा. समिति के अध्यक्ष ने मुद्दों को तैयार करने के लिए एक हफ्ते में बैठक बुलाने की गुजारिश की है. समिति के सदस्य सचिव को अंतरिम स्थिति रिपोर्ट भी रिकॉर्ड में रखने को कहा गया. §֍:5 सदस्यीय पैनल गठित§ֆ:सुप्रीम कोर्ट ने न्यूनतम समर्थन मूल्य और अन्य मुद्दों को लेकर चिसानों की चिंताओं से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के नेतृत्व में 5 सदस्यीय पैनल गठित किया है. कोर्ट ने पैनल से शंभू बॉर्डर पर लगाई पक्की बैरिकेडिंग हटाने के लिए किसानों से बातचीत करने को कहा है. साथ ही कहा गया कि वे अपने आंदोलन का राजनीतिकरण करने से बचें. वो कोर्ट द्वारा गठित पैनल के साथ अपनी बैठकों में पूरी तरह से अनुचित मांगें न रखें.§֍:जानें कौन है समिति में शामिल§ֆ:1. जस्टिस नवाब सिंह, पूर्व जज, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट- अध्यक्ष
2. बीएस संधू, पूर्व डीजीपी
3. देवेंद्र शर्मा, कृषि विश्लेषक
4. प्रोफेसर रंजीत सिंह घुमन
5. डॉ सुखपाल सिंह, कृषि सूचनाविद्
6. प्रोफेसर बलदेव राज कंबोज, विशेष आमंत्रित सदस्य (जब भी उनकी जरूरत होगी)
§पंजाब और हरियाणा के बीच करीब 200 दिनों से भी ज्यादा से शंभू बॉर्डर किसान आंदोलन कर रहे हैं. बॉर्डर के 6 लेन हाईवे में दोनों और एक-एक लेन में इमरजेंसी सुविधा जनता के लिए खोली जा रही है. सुप्रीम कोर्ट ने इसको लेकर दोनों राज्यों से सहमति ली, जिसके बाद ही आदेश जारी किया. दोनों राज्यों के हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने राज्य सरकारों की तरफ से सुझाए गए नामों पर संतुष्टि जताई.

