ֆ:समाजवादी पार्टी का कहना है कि पार्टी इन सभी विधायकों के खिलाफ विधानसभा स्पीकर्स के समक्ष शिकायत दर्ज कराएगी और उनकी सदस्यता रद्द कराई जाएगी। सपा का कहना है कि इन विधायकों की स्थिति खराब है क्योंकि ये फायदे के लिए बीजेपी में गए थे लेकिन बीजेपी ने वो फायदा नहीं हुआ, और लोकसभा चुनाव के बाद बदले समीकरणों के बीच अब बीजेपी द्वारा भी इन विधायकों को महत्व नहीं दिया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि अगर अभी इन विधायकों की सदस्यता जाती है तो फिर उन्हें बड़ा नुकसान हो सकता है, क्योंकि अभी राज्य में विधानसभा चुनाव हुए महज दो साल ही हुए हैं और तीन साल का कार्यकाल बाकी है। खास बात यह है कि इनमें से किसी भी विधायक को बीजेपी ने लोकसभा के लिए टिकट नहीं दिया था। अब अगर सदस्यता जाती है, तो फिर वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं रहेंगे। संकट यह भी होगा कि अगर बीजेपी से इन लोगों को उपचुनाव में टिकट नहीं मिला तो इनके राजनीतिक भविष्य पर भी खतरा हो सकता है।
§फरवरी में हुए राज्यसभा चुनावों के दौरान भाजपा ने समाजवादी पार्टी के 7 विधायकों से क्रॉस वोटिंग करवाकर अपने सभी प्रत्याशी जितवा दिए थे।

