परिचय : मनुष्य के शरीर को सुचारु रूप से चलाने के लिए पर्याप्त भोजन की आवश्यकता होती है। अच्छे पोषण से मनुष्य का शारीरिक और मानसिक विकास होता है। आहार में पोषक की कमी से महिलाएं कुपोषित होती हैं। जिससे उनकी वृद्धि विकास तथा कार्य करने की क्षमता में कमी आने लगती लगती है। जो महिलाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि अपर्याप्त पोषण ना केवल महिलाओं के अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ उनके बच्चों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है।
कुपोषित महिलाओं के बच्चों में संज्ञानात्मक हानि, छोटे कद, संक्रमण के प्रति कम प्रतिरोध और जीवन भर बीमारी और मृत्य का उच्च जोखिम होने की संभावना होती है। कुपोषण महिलाओं के लिए की तरह के खतरे पैदा करता है। यह महिलाओं की प्रसव के बाद जीवित रहने की क्षमता को कमजोर करता है। उन्हे संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है, और बीमारी से उबरने के उनके पास काम संसाधन होते है।
बहुत सी महिलाएं जो कम वजन की होती है, वे बौनी भी होती है, या उनकी कम उम्र के हिसाब से औसत ऊंचाई काम होती है। किशोर लड़कियां विशेष रूप से कुपोषण के प्रति संवेदनशील होती है क्युकी अपने जीवन के पहले वर्ष के बाद किसी भी समय की तुलना में तेजी से बढ़ रही होती है। किशोरावस्था में विकास की गति को बनाए रखने और मासिक धर्म के दौरान शरीर की आयरन की मांग बढ़ती जा रही है।
भारत में महिलाओं का पोषण स्तर :
भारत में महिलाओं का पोषण स्तर संतोषपद नहीं है। परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 5- के अनुसारर देश में 57 प्रतिशत महिलाए और 5 वर्ष से कम आयु के 76.1 प्रतिशत बच्चे एनीमिया से पीढ़ित है। साथ ही महिलाओं में भी ऑस्ट्रोप्रोसिस प्रमुख है।
महिलाओं के लिए आवश्यक पोषक तत्व : पौष्टिक तत्वों की मांग व्यक्ति की शारीरिक क्रियाशीलता, लिंग व आयु पर निर्भर करती है। शारीरिक परिश्रम के आधार पर क्रियाशीलता –
आवश्यक पोषक तत्व :
कैलोरी : शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के लिए आहार में पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रट युक्त भोज्य पदार्थ होने चाहिए। महिलाओं में कैलोरी की आवश्यकता उनकी क्रियाशीलता पर निर्भर करती है। अधिक क्रियाशील महिला को उससे कम व कम क्रियाशील को सबसे कम कैलोरी की आवश्यकता होती है। इसका मुख्य स्रोत अनाज होता है।
प्रोटीन : प्रोटीन शरीर के उत्तम स्वास्थय के लिए प्रोटीन आवश्यक है। प्रोटीन शरीर के ऊतकों की मरम्मत,मांशपेशियो की वृद्धि और इम्यूनटी सिस्टम को मजबूत करने के लिए आवश्यक होता है। कुपोषित महिलाओं को उच्च प्रोटीन युक्त आहार जैसे अंडा, दाल, मछली, दूध लेना चाहिए। परंतु मनुष्य में प्रोटीन की आवश्यक मात्रा उसके शरीर के वजन पर निर्भर करती है। महिलाओं में सामान्यतः 45.7 ग्राम प्रतिदिन प्रोटीन की आवश्यकता है।
वसा: वसा ऊर्जा के लिए सबसे मुख्य स्रोत है। महिलाओं में ऊर्जा की आवश्यकता 20-30 ग्राम प्रतिदिन होती है।
विटामिन: विटामिन विभिन्न प्रकार को जटिल रासायनिक प्रक्रियाओ मर भाग लेते है , तथा शरीर की समस्त क्रिया कलापों ,भरण पोषण एव वृद्धि के लिए आवश्यक होता है। विटामिन A, B (थाइमिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, फॉलिक एसिड, आदि C,D,E वह विटामिन k है। मुख्य स्रोत ये फल एव सब्जियों से प्राप्त है।
खनिज लवण: शारीरिक अंगों को सुचारु रूप से संचालन तथा स्वास्थ्य के लिए खनिज लवण आवश्यक है। phosphorous, iron, calcium, sodium, potassium, magnesium, आदि खनिज लवण है। जिसमें से phosphorous, iron, calcium, सबसे मवत्वपूर पोषक तत्व होते है। इसके स्रोत साबुत अनाज , दूध, फलिया सी –फूड दाल या तिल है।
जल: शरीर की सभी क्रियाओ के लिए जैसे- पाचन, अवशोषण वहन, चयपचय, उत्सर्जन आदि के लिए आवश्यक होता है।
सामान्य : महिलाओं के लिए आहारीय आवश्यकता :
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भोजन पदार्थ |
कम क्रियाशील (ग्राम) |
मध्यम क्रियाशील (ग्राम) |
अत्यधिक क्रियाशील (ग्राम) |
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अनाज |
270 |
330 |
480 |
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दालें |
60 |
75 |
90 |
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हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ |
100 |
100 |
100 |
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अन्य सब्ज़ियाँ |
200 |
200 |
200 |
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फल एवं कन्दमूल |
100 |
100 |
100 |
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फल |
100 |
100 |
100 |
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दूध व दुग्ध उत्पाद |
300 |
300 |
300 |
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वसा एवं तेल |
20 |
25 |
30 |
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चीनी एवं गुड़ |
20 |
20 |
45 |
Source: Nutrient requirements and Recommended Dietary Allowances for Indians, ICMR, 2020
मध्यम आय वर्गीय महिलाओं के लिए एक दिन के संतुलित आहार का उदाहरण है: हमने जाना की महिलाओं के लिए अच्छा पोषण जरूरी है। महिलाओं के लिए कुपोषण के क्या कारण है,एव उनके लिय आवश्यक पोषण तत्वकोण कोण से है। साथ ही हमने जाना की महिलाओं के लिए एक दिन की आहरीय आवश्यकता कितनी जरूरी है।
पोषण आहार तालिका
इसमें सुबह, दोपहर, शाम और रात्रि के भोजन में क्या-क्या शामिल होना चाहिए, उसे सरलता से बताया गया है ताकि महिला की दैनिक पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके। यह तालिका पोषण संतुलन को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है जिससे ऊर्जा, प्रोटीन, विटामिन और खनिज जैसे पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मिल सकें।
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भोजन |
आहार |
मात्रा (ग्राम/मिलि) |
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सुबह का नाश्ता |
दूध, ब्रेड, मक्खन |
250 मिली, 2 स्लाइस, 10 ग्राम |
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दोपहर का भोजन |
चावल, दाल, रोटी, सब्ज़ी, दही, सलाद |
35, 20, 60, 100, 150, 50 |
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शाम का नाश्ता |
चाय, बिस्किट |
100 मिली, 2 नग |
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रात्रि का भोजन |
रोटी, सब्ज़ी, दाल, चावल |
90, 100, 30, 15 |
Source: Dietary Guidelines for Indians, 2010 – NIN, Hyderabad

