ֆ:इस दौरे का उद्देश्य विश्वविद्यालय की प्रगतिशील कृषि अनुसंधान गतिविधियों को समझना और उन्हें ग्रामीण उद्यमिता से जोड़ते हुए टिकाऊ आजीविका और ग्रामीण आय में वृद्धि के रास्ते तलाशना था।स्किल डेवेलपमेंट सेंटर (SDC) में प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए डॉ. तेजिंदर सिंह रियार (अतिरिक्त निदेशक, संचार) और डॉ. रूपिंदर तूर (एसोसिएट निदेशक, SDC) ने बताया कि यह केंद्र किसानों, ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन और जैविक खेती जैसे क्षेत्रों में उद्यमिता कौशल सिखाकर कृषि और सहायक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर कार्य कर रहा है।§ֆ:डॉ. रियार ने बताया कि ‘उड़ान’ और ‘उद्यम’ जैसे कार्यक्रमों के अंतर्गत नवाचार करने वाले उद्यमियों को 5 लाख से लेकर 25 लाख रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि PAU द्वारा प्रशिक्षित 200 से अधिक उद्यमियों ने हाल ही के किसान मेले में अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए, जो युवाओं में बढ़ती जागरूकता और नवाचार की दिशा में एक मजबूत संकेत है।प्रतिनिधिमंडल ने फूड इंडस्ट्री इंक्यूबेशन सेंटर का भी दौरा किया, जहाँ डॉ. सविता शर्मा (प्रमुख, खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग) ने उन्हें इस केंद्र की गतिविधियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह केंद्र बहुत ही कम लागत पर खाद्य उद्योग, युवाओं और किसानों को खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराता है।§ֆ:डॉ. शर्मा ने बताया कि यह केंद्र विशेष रूप से फल, सब्जी और अनाज आधारित उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करता है। यहां विकसित की गई तकनीकों को विभिन्न हितधारकों को व्यावसायिक उपयोग के लिए हस्तांतरित किया गया है। साथ ही, यह केंद्र ग्रामीण युवाओं, महिला किसानों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), NGOs और नवोदित उद्यमियों के लिए नियमित रूप से अल्पकालिक पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है।§ֆ:डिप्टी कमिश्नर ने PAU के प्रशिक्षण कार्यक्रमों और नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि “गांव की मजबूत अर्थव्यवस्था ही देश की असली ताकत है”। उन्होंने PAU को ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और किसान केंद्रित नवाचारों के लिए बधाई दी।यह दौरा इस बात का प्रमाण है कि PAU न केवल कृषि अनुसंधान में अग्रणी है, बल्कि ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।§देश के जाने माने कृषि विश्वविद्यालय पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी लुधियाना में हाल ही में आयोजित “कृषि तकनीक का ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन हेतु अनुप्रयोग” विषय पर टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन कार्यक्रम के बाद, लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने विश्वविद्यालय का दौरा किया। उनके साथ अमरजीत सिंह बैंस (अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर, ग्रामीण विकास), डॉ. गुरदीप सिंह (मुख्य कृषि अधिकारी), डॉ. गुरप्रीत कौर (उप निदेशक, बागवानी) और डॉ. विजय प्रताप सिंह (सहायक उप निदेशक, बागवानी) सहित एक सरकारी प्रतिनिधिमंडल भी उपस्थित रहा।

