֍:ऐसे मिलता है एडमिशन§ֆ:विश्वविद्यालय में प्रवेश पाना छात्रों के लिए प्रतिष्ठा का विषय है. स्नातक कार्यक्रमों के लिए प्रवेश मुख्य रूप से अखिल भारतीय कृषि प्रवेश परीक्षा (ICAR-AIEEA UG) के माध्यम से होता है, जिसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा आयोजित किया जाता है. स्नातकोत्तर और पीएचडी कार्यक्रमों के लिए ICAR-AIEEA PG और ICAR-AICE JRF/SRF (PhD) परीक्षाओं के माध्यम से प्रवेश दिया जाता है. वही कुछ कोर्सेज में दाखिला सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) के जरिए होता है. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षण का प्रावधान है.§֍:कितनी है फीस?§ֆ:फीस संरचना की बात करें तो बैचलर्स कोर्सेज के लिए प्रति सेमेस्टर लगभग 13,000 से 16,000 रुपये तक है, जबकि मास्टर्स कोर्सेज के लिए यह लगभग 18,000 से 25,000 रुपये प्रति सेमेस्टर है,वही PhD की फीस 28,000 रुपये प्रति सेमेस्टर निर्धारित है. छात्रावास, मेस और अन्य सुविधाओं के लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है. §झांसी में स्थित रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (आरएलबीसीएयू) बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन चुका है. इसकी स्थापना 2014 में संसद के अधिनियम द्वारा हुई थी. इसका मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड जैसे सूखा-ग्रसित क्षेत्र में कृषि शिक्षा और रिसर्च को बढ़ावा देना था.

