֍:जानें क्यों खराब हुआ चावल §ֆ:रिपोर्ट्स के मुताबिक, तमिलनाडु सरकार के खाद्य विभाग द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत रखे गए चावल को उचित देखभाल और रखरखाव के अभाव में सड़ने दिया गया। यह अनाज कई महीनों से गोदामों में पड़ा था, जिसके कारण यह खाने लायक नहीं रहा।
§֍:कितना चावल बर्बाद हुआ?
§ֆ:अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, लाखों टन चावल खराब हो गया, जिसकी कीमत लगभग 840 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह चावल गरीबों और जरूरतमंदों को वितरित किया जाना था, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह बर्बाद हो गया।
§֍:विपक्ष ने उठाए सवाल §ֆ:इस मामले पर विपक्षी दलों ने सरकार पर जमकर हमला बोला है। उनका आरोप है कि सरकारी अधिकारियों की लापरवाही के कारण इतना बड़ा नुकसान हुआ है। वहीं, सरकार ने इस मामले की जांच का आश्वासन दिया है और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कही है।
§֍:क्या है समाधान?
§ֆ:विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी गोदामों में बेहतर भंडारण सुविधाओं की जरूरत है। साथ ही, समय-समय पर स्टॉक की जांच और उचित वितरण प्रणाली सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
§तमिलनाडु में लाखों टन चावल सरकारी गोदामों में सड़कर बर्बाद हो गया, जिसकी कीमत लगभग 840 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें राज्य के विभिन्न गोदामों में संग्रहित चावल की भारी मात्रा खराब हो गई।

