֍:दिल्ली हाईकोर्ट ने स्थापित की डॉ सरीन कमेटी§ֆ:उपराज्यपाल का निर्णय 13 फरवरी, 2024 को जारी दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति द्वारा की गई सिफारिशों पर आधारित है. इस निर्णय को अमलीजामा डॉ. एस.के. सरीन समिति की सिफारिशों के बाद पहनाया गया. डॉ सरीन कमेटी को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा फरवरी 2024 में शहर की अपर्याप्त स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर चिंता व्यक्त करने के बाद स्थापित किया गया था.§ֆ:न्यायालय ने डब्ल्यूपीसी संख्या 8548/2017 के तहत अपने निर्देश में, शहर की बढ़ती आबादी के अनुरूप चिकित्सा बुनियादी ढांचे को सुधारने की उनकी योजना पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (GNCTD) से तत्काल स्टेटस रिपोर्ट मांगी. §֍:सराकरी अस्पतालों में होंगे निवेश§ֆ:स्वास्थ्य कर्मियों की कमी पर जोर डालते हुए, न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 47 के साथ अनुच्छेद 21 के तहत गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना राज्य का दायित्व है. इसने वर्षों से चली आ रही स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी को कम करने के लिए सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त निवेश और संरचनात्मक सुधारों का आग्रह किया.§दिल्ली में स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने के लिए एलजी वीके सक्सेना ने 701 नर्सों और 762 पैरामेडिकल कर्मचारियों सहित 1463 स्वास्थ्यकर्मियों की तत्काल भर्ती पर हामी भरी है. आईसीएसआईएल, एनआईसीएसआई, बीईसीआईएल और एचएलएल जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के माध्यम से ये भर्तियां करवाई जाएंगी. यह कदम अस्पतालों को धीमी गति से भर्ती नियमों की जगह रिक्तियों को तुरंत भरने की अनुमति देता है.

