֍:नासिक में सबसे ज्यादा प्याज§ֆ:नासिक के डिवविजन में प्याज की सबसे ज्यादा खेती हुई है. उसके बाद दूसरे नंबर पर पुणे और तीसरे नंबर पर छत्रपति संभाजी नगर है. इसके बाद अमरावती, लातूर, कोल्हापुर है. नासिक,अहिल्याानगर, पुणे, छत्रपति संभाजी नगर, बीड, धुले, सोलापुर, धाराशिव, बुलढाणा और सतारा जिलों में प्या ज की खेती सबसे ज्याादा हुई है. वहीं रत्नाागिरी और गोंदिया जिलों में इसकी खेती कम हुई.§ֆ:प्यानज की खेती अक्टू्बर 2024 में शुरू हुई और फरवरी के पहले हफ्ते तक जारी रही. पिछले साल कई इलाकों में प्याकज की बुवाई इस बार की तुलना में कम थी. इसका नतीजा था कि जून में जहां कीमतें कुछ सुधरीं तो नवंबर में प्यािज की कीमतों ने 5000 रुपये का आंकड़ा तक छू लिया था. बारिश की वजह से कुछ पौधों को नुकसान भी हुआ. लेकिन किसानों ने डबल नर्सरी लगाकर प्या्ज की बुवाई को पूरा कर लिया.§֍:क्या किसानों को होगा लाभ?§ֆ:इस साल प्यािज की बुवाई औसत से 40 फीसदी ज्याईदा है लेकिन देर से हुई है. वहीं पिछले साल की तुलना में इसकी खेती में आने वाली लागत भी 10 से 15 फीसदी तक बढ़ गई है. विशेषज्ञों की मानें तो डिमांड और सप्लाईई पर उत्पानदकता निर्भर करेगी. आने वाले समय में अगर नीतियां स्थिर रहीं और निर्यात को बढ़ावा मिला तो फिर किसानों की आय में भी निश्चित तौर पर वृद्धि होगी. §महाराष्ट्र किसानों ने इस बार प्याज की बंपर बुवाई की है. रबी सीजन में बोई जाने वाली गर्मी की प्याजकी बुवाई पूरे राज्य में जमकर हुई है. कृषि विभाग की रिपोर्ट में बताया गया कि रबी सीजन में बोय जाने वाले प्याज का औसत क्षेत्र राज्य में करीब 4.5 लवाख हेक्टेयर है लेकिन इस बार यह बढ़कर 6.51 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है. इस बार किसानों ने प्याज की फसल को काफी तवज्जो दी है और पुरानी सभी परंपराओं को तोड़ दिया है.

