देश में बागवानी फसलों के क्षेत्रफल और उत्पादन में शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष 2024-25 के लिए द्वितीय अग्रिम अनुमान जारी करते हुए बताया कि बागवानी उत्पादन 3.66% की वृद्धि के साथ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। अनुमान के अनुसार इस वर्ष कुल 3677.24 लाख टन उत्पादन होने की उम्मीद है, जो कि गत वर्ष की तुलना में 129.80 लाख टन अधिक है।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि बागवानी किसानों की मेहनत, वैज्ञानिकों के अनुसंधान और सरकार की योजनाओं के चलते यह उपलब्धि संभव हुई है। उन्होंने इस सफलता के लिए किसानों और वैज्ञानिकों को बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम है।
क्षेत्रफल में भी वृद्धि
2024-25 में बागवानी फसलों का कुल क्षेत्रफल 292.67 लाख हेक्टेयर आंका गया है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 1.81 लाख हेक्टेयर अधिक है। इससे स्पष्ट है कि किसान अब पारंपरिक फसलों के साथ-साथ बागवानी को भी अपनाने लगे हैं।
प्रमुख फलों का प्रदर्शन
फलों की बात करें तो इस वर्ष उत्पादन 1145.10 लाख टन तक पहुंचने की संभावना है, जो कि 2023-24 की तुलना में 15.32 लाख टन अधिक है। आम, केला, पपीता और तरबूज जैसे फलों के उत्पादन में विशेष रूप से वृद्धि देखी गई है:
- आम: 228.37 लाख टन (पिछले वर्ष 98 लाख टन)
- केला: 380.35 लाख टन (पिछले वर्ष 14 लाख टन)
- तरबूज: 44.70 लाख टन (पिछले वर्ष 21 लाख टन)
सब्जियों में भी जबरदस्त उछाल
सब्जियों का उत्पादन 2196.74 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है, जो कि पिछले वर्ष के 2072.08 लाख टन से 6.02% अधिक है। विशेष रूप से प्याज और आलू के उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़त हुई है:
- प्याज: 307.72 लाख टन (पिछले वर्ष 67 लाख टन)
- आलू: 601.75 लाख टन (पिछले वर्ष 54 लाख टन)
- टमाटर: हालांकि इसमें हल्की गिरावट आई है, और इसका अनुमानित उत्पादन 52 लाख टन है, जो पिछले वर्ष 213.23 लाख टन था।
मसाले भी दे रहे हैं योगदान
मसालों के क्षेत्र में अदरक और लहसुन के उत्पादन में वृद्धि हुई है, हालांकि कुल मसालों का उत्पादन 123.70 लाख टन के साथ पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा कम है।
- अदरक: 25.42 लाख टन (पिछले वर्ष 33 लाख टन)
- लहसुन: 35.03 लाख टन (पिछले वर्ष 16 लाख टन)
भविष्य की दिशा
कृषि मंत्री ने इस रिपोर्ट को देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आमदनी में वृद्धि के लिहाज से सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार बागवानी क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए तकनीकी सहायता, बाजार सुविधा और अनुसंधान में निवेश करती रहेगी।

