֍:जानें क्या हैं आरोप?
§ֆ:टिकैत ने अपने पत्र में दावा किया कि यूपी में किसानों को खादों की गुणवत्ता के बारे में गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ कंपनियों द्वारा उर्वरकों की ग्रेडिंग में हेराफेरी की जा रही है, जिससे किसानों को घटिया क्वालिटी का खाद मिल रहा है, लेकिन उन्हें उच्च ग्रेड का दाम चुकाना पड़ रहा है। इससे किसानों की फसलों की उत्पादकता पर भी असर पड़ रहा है।
§֍:राकेश टिकैत ने लिखा PM MODI को पत्र §ֆ:टिकैत ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे इस मामले की तुरंत जांच कराएं और दोषी कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार से किसानों को उचित गुणवत्ता वाले उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।
§֍:सरकार की प्रतिक्रिया
§ֆ:अभी तक सरकार की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, कृषि विभाग इस शिकायत की जांच शुरू कर सकता है।
§֍:किसान संगठनों का रुख
§ֆ:टिकैत के इस कदम का कई किसान संगठनों ने समर्थन किया है। उनका कहना है कि यदि यह सच है तो यह एक गंभीर मामला है और सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।
इस मामले पर अब सरकार और किसान नेताओं के बीच चर्चा जारी है। किसानों को उम्मीद है कि जल्द ही इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई होगी।
§भारतीय किसान नेता और राष्ट्रीय प्रतिनिधि राकेश टिकैत ने उत्तर प्रदेश सरकार पर राज्य में खादों (उर्वरकों) की ओवररेटिंग (अधिक दर्जा देने) का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा है।

