राजस्थान सरकार खेती को आधुनिक बनाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए एक बार फिर आगे आई है। राज्य सरकार ने कृषि यंत्रों पर सब्सिडी देने की योजना के तहत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अंतर्गत किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 40% से 50% तक अनुदान सीधे उनके बैंक खाते में मिलेगा।
इस योजना से खेती को परंपरागत तरीकों से हटाकर आधुनिक मशीनों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे श्रम की बचत और लागत में कटौती हो सके, साथ ही फसल की गुणवत्ता और पैदावार में इजाफा हो।
अजमेर जिले को मिलेगा विशेष लाभ
राज्य सरकार ने अजमेर जिले के लिए 3386 किसानों को अनुदान देने का लक्ष्य तय किया है। इसमें सामान्य वर्ग के 2719, अनुसूचित जाति वर्ग के 575 और अनुसूचित जनजाति वर्ग के 92 किसान शामिल हैं। इस पर कुल 1015.8 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
-
सामान्य वर्ग: ₹815.7 लाख
-
अनुसूचित जाति: ₹172.5 लाख
-
अनुसूचित जनजाति: ₹27.6 लाख
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
-
किसान के नाम से कृषि भूमि का रिकॉर्ड होना अनिवार्य है
-
ट्रैक्टर-आधारित यंत्रों के लिए किसान के पास ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन होना चाहिए
-
एक किसान तीन साल में एक ही यंत्र पर एक बार सब्सिडी ले सकता है
-
एक वित्तीय वर्ष में एक ही यंत्र पर सब्सिडी दी जाएगी
आवेदन प्रक्रिया – पूरी तरह ऑनलाइन
किसान राज किसान साथी पोर्टल या अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र से जनाधार नंबर के जरिए आवेदन कर सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज:
-
जनाधार कार्ड
-
छः माह के अंदर की जमाबंदी नकल
-
लघु/सीमांत कृषक प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
-
ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन (यदि आवश्यक)
कैसे मिलेगी सब्सिडी?
आवेदन के बाद दस्तावेजों की जांच होगी। स्वीकृति मिलने के बाद किसान राज किसान पोर्टल पर पंजीकृत विक्रेता से यंत्र खरीदेगा। फिर कृषि पर्यवेक्षक यंत्र की जांच करेगा और बिल जमा कराने के बाद सब्सिडी की राशि किसान के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी। ध्यान दें: बिना प्रशासनिक स्वीकृति के यंत्र खरीदने पर अनुदान नहीं मिलेगा।
अधिक जानकारी के लिए कहां संपर्क करें?
किसान अपने क्षेत्रीय कृषि अधिकारी या ई-मित्र केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही राज किसान साथी पोर्टल पर जाकर योजना की पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

